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देश का सबसे बड़ा रॉकेट आज लांच होगा

BhaskarHindi.com | Last Modified - July 27th, 2017 15:57 IST

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देश का सबसे बड़ा रॉकेट आज लांच होगा

टीम डिजिटल,बेंगलुृूरू.देश का सबसे ताकतवर और अब तक का सबसे भारी उपग्रह प्रक्षेपण रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 अपनी पहली उड़ान के लिए तैयार है. यह रॉकेट संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर जाएगा. श्रीहरिकोटा के दूसरे लॉन्च पैड से सोमवार को शाम 5.28 बजे प्रक्षेपित किया जाएगा.ये अब तक का भारत का सबसे भारी रॉकेट है जो पूरी तरह देश में ही बना है. यह ऐतिहासिक प्रक्षेपण चार टन श्रेणी के उपग्रहों को प्रक्षेपित करने की दिशा में भारत के लिए नए अवसर खोलेगा. इसके साथ ही प्रक्षेपण से डिजिटल भारत को मजबूती मिलेगी. साथ ही ऐसी इंटरनेट सेवाएं मिलेगी जैसे पहले कभी नहीं मिलीं.

इसरो अध्यक्ष एस एस किरण कुमार ने कहा कि मिशन महत्वपूर्ण है, ‘‘क्योंकि यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है जिसे देश से छोड़ा जाना है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जीएसएलवी एमके थ्री-डी 1 और जीसैट-19 मिशन के लिए सारी गतिविधियां चल रही हैं. सोमवार शाम 5:28 बजकर मिनट पर हम प्रक्षेपण की उम्मीद कर रहे हैं.’’ अब तक 2300 किलोग्राम से अधिक वजन के संचार उपग्रहों के लिए इसरो को विदेशी लॉन्‍चरों पर निर्भर रहना पड़ता था. जीएसएलवी मार्क 3 4000 किलोग्राम तक के पेलोड को उठाकर भूतुल्यकालिक अंतरण कक्षा (जीटीओ) और 10 हजार किलोग्राम तक के पेलोड को पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने में सक्षम है.

हाईस्पीड होगा इंटरनेट

जीसैट-19 को पहली बार भारत में बनी लीथियम आयन बैटरियों से संचालित किया जा रहा है. इन बैटरियों को इसलिए बनाया गया है ताकि भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ाया जा सके. इसके साथ ही ऐसी बैटरियों का कार और बस जैसे इलैक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल किया जा सकता है. जीसैट-19 की सबसे नई बात यह है कि पहली बार उपग्रह पर कोई ट्रांसपोन्डर नहीं होगा. मिश्रा ने कहा कि यहां तक कि आसमान के नए पक्षी के साथ ट्रांसपोन्डर शब्द ही नहीं जुड़ा होगा. यहां तक कि पहली बार इसरो पूरी तरह नए तरीके के मल्टीपल फ्रीक्वेंसी बीम का इस्तेमाल कर रहा है जिससे इंटरनेट स्पीड और कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी.

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