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GST घटाने पर होगा विचार, रोजाना इस्तेमाल के सामान हो सकते हैं सस्ते

BhaskarHindi.com | Last Modified - November 06th, 2017 00:31 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर परिषद इस हफ्ते होने वाली बैठक में रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर टैक्स की दर कम करने पर चर्चा करेगी। मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि जीएसटी परिषद की बैठक हैंडमेड फर्नीचर, प्लास्टिक के उत्पाद और शेंपू और शावर उत्पादों पर टैक्स दरों में कटौती करने पर विचार कर सकती है। आपको बता दें जीएसटी एक ऐसी कर प्रणाली है जिसमें एक 'वस्तु-एक कर' के आधार पर टैक्स लगाया जाता है। एक जुलाई से लागू हुए जीएसटी की लागू होने के बाद से ही समीक्षा जारी है, हर महीने जीएसटी काउंसिल की बैठक होती है जिसमें काउंसिल जीएसटी को सरल बनाने पर विचार करती है। इस महीने की ये बैठक 10 नवंबर को होगी जिसकी अगुवाई वित्त मंत्री अरुण जेटली करेंगे। इस बार की बैठक में अनुमान लगाया जा रहा है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं की जीएसटी दर कम होगी।

अग्रिम बैठक में जीएसटी परिषद इन विषयों पर विचार कर सकती है

- सामान्य या रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं पर 28 प्रतिशत की जीएसटी दर को कम किया जा सकता है
- छोटे उद्योगियों को राहत देने के लिए चर्चा की जाएगी
- उपभोक्ताओं पर पड़े बोझ को कम करने की कोशिश की जाएगी
- टैक्स दरों को तर्कसंगत बनाने पर विचार किया जाएगा
- जानकारी के अनुसार, 28% स्लैब की कुछ वस्तुओं पर तर्कसंगत टैक्स लगाया जाएगा
- रोजमर्रा इस्तेमाल की वस्तुओं पर कर घटाकर 18% किया जाएगा
- फर्नीचर, इलैक्ट्रिक स्विच, प्लास्टिक पाइप पर कर दरों की समीक्षा की जाएगी
- GST में अभी सभी फर्नीचरों पर 28% टैक्स लग रहा है
- मध्यम परिवारों को फर्नीचरों पर राहत मिलेगी
- 18% स्लैब में प्लास्टिक के उत्पादों को तर्कसंगत बनाने पर होगा विचार
- शॉवर प्रोडक्ट्स, सिंक, वॉश बेसिन की 28% जीएसटी दर पर होगा विचार
- वेट लॉस और कंप्रेसर भी आ सकते हैं 28% से 18% की स्लैब में

हाल ही में पीएम मोदी इंडिया बिजनेस रिफोर्म कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसमें पीएम मोदी ने जीएसटी की जमकर तारिफ की थी और उन्होनें जीएसटी को गलत बताने वालों पर भी निशाना साधा था। पीएम मोदी ने वर्ल्‍ड बैंक में कारोबार की सुविधा के लिहाज से भारत की रैंकिंग में 30 अंकों की उछाल का हवाला देते हुए कहा कि इस रैंकिंग पर सवाल उठाने के बजाय साथ में मिलकर काम करने की जरूरत है और विपक्ष को आड़े लेते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को भारत की रैंकिंग 142 से 100 होने की बात समझ नहीं आती है, इनको फर्क नहीं पड़ता और इसमें कुछ लोग ऐसे हैं जो पहले वर्ल्‍ड बैंक में रह चुके हैं।

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