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बाहुबली स्टाइल में तंज, तो क्या अब 'भाषण ही शासन' है?

December 09th, 2017 15:29 IST
बाहुबली स्टाइल में तंज, तो क्या अब 'भाषण ही शासन' है?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गुजरात में 22 सालों बाद कांग्रेस अपनी वापसी की उम्मीद देख रही है और इसके लिए पार्टी के वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी जमकर मेहनत कर रहे हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी पिछले काफी समय से ट्विटर पर बीजेपी के खिलाफ हमलावर रवैया अपना रहे हैं और रोजाना एक सवाल पूछ रहे हैं। अब तक राहुल गांधी बीजेपी से 10 सवाल पूछ चुके हैं, लेकिन बीजेपी की तरफ से अब तक कोई जवाब नहीं आया है। अब राहुल ने अपने अगले ट्वीट में उनके सवालों के जवाब न देने पर बीजेपी पर फिर तंज कसा है। राहुल ने अपने 11वें सवाल में पूछा है कि 'तो क्या अब 'भाषण ही शासन' है?' बता दें कि गुजरात में शनिवार को पहले फेस में 89 सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं।

राहुल ने कहा - 'भाषण ही शासन है'

शनिवार को कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट और जल्द ही पार्टी की कमान संभालने वाले राहुल गांधी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया गया। इस ट्वीट में राहुल गांधी ने बीजेपी से 11वां सवाल पूछते हुए कहा है कि अब तक मेरे 10 सवालों के जवाब नहीं दिए हैं, तो क्या अब 'भाषण ही शासन है?' राहुल के इस ट्वीट में लिखा है 'गुजरात में 22 सालों से भाजपा की सरकार है। मैं केवल इतना पूछूंगा- क्या कारण है इस बार प्रधानमंत्री जी के भाषणों में ‘विकास’ गुम है? मैंने गुजरात के रिपोर्ट कार्ड से 10 सवाल पूछे, उनका भी जवाब नहीं। पहले चरण का प्रचार ख़त्म होने तक घोषणा पत्र नहीं। तो क्या अब ‘भाषण ही शासन’ है?'

अब तक 10 सवाल पूछ चुके हैं राहुल

दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राहुल गांधी ट्विटर पर '22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब' नाम से एक सीरीज चला रहे हैं। जिसके तहत राहुल रोजाना बीजेपी से सवाल पूछ रहे हैं। राहुल अब तक बीजेपी से 10 सवाल पूछ चुके हैं और ये उनका 11वां सवाल था। बता दें कि पिछले कुछ महीनों से राहुल ट्विटर पर काफी एक्टिव हैं और उनके फॉलोअर्स भी बढ़े हैं। वहीं इस बार गुजरात में कांग्रेस को वापसी की उम्मीद भी है।

कौन-कौन से सवाल पूछ चुके हैं राहुल? 

पहला सवाल : 2012 में वादा किया कि 50 लाख नए घर देंगे। 5 साल में बनाए 4.72 लाख घर। प्रधानमंत्री जी बताइए कि क्या ये वादा पूरा होने में 45 साल और लगेंगे?

दूसरा सवाल : 1995 में गुजरात पर क़र्ज़-9,183 करोड़। 2017 में गुजरात पर क़र्ज़-2,41,000 करोड़। यानी हर गुजराती पर ₹37,000 क़र्ज़। आपके वित्तीय कुप्रबन्धन व पब्लिसिटी की सज़ा गुजरात की जनता क्यों चुकाए?

तीसरा सवाल : 2002-16 के बीच ₹62,549 Cr की बिजली ख़रीद कर 4 निजी कंपनियों की जेब क्यों भरी? सरकारी बिजली कारख़ानों की क्षमता 62% घटाई पर निजी कम्पनी से 3 रुपए प्रति यूनिट की बिजली 24 रुपए तक क्यों ख़रीदी? जनता की कमाई, क्यों लुटाई?

चौथा सवाल : सरकारी स्कूल-कॉलेज की कीमत पर किया शिक्षा का व्यापार। महंगी फीस से पड़ी हर छात्र पर मार, न्यू इंडिया का सपना कैसे होगा साकार? सरकारी शिक्षा पर खर्च में गुजरात देश में 26वें स्थान पर क्यों? युवाओं ने क्या गलती की है?

5वां सवाल : न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण। महिलाओं को मिला तो सिर्फ़ शोषण। आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा। गुजरात की बहनों से किया सिर्फ़ वादा, पूरा करने का कभी नहीं था इरादा।

6वां सवाल : भाजपा की दोहरी मार, एक तरफ युवा बेरोजगार। दूसरी तरफ़ लाखों फिक्स पगार और कांट्रैक्ट कर्मचारी बेज़ार। 7वें वेतन आयोग में 18000 रुपए मासिक होने के बावजूद फिक्स और कांट्रैक्ट पगार 5500 और 10000 रुपए क्यों?

7वां सवाल : जुमलों की बेवफाई मार गई, नोटबंदी की लुटाई मार गई। GST सारी कमाई मार गई। बाकी कुछ बचा तो -महंगाई मार गई। बढ़ते दामों से जीना दुश्वार, बस अमीरों की होगी भाजपा सरकार?

8वां सवाल : 39% बच्चे कुपोषण से बेज़ार, हर 1000 में 33 नवजात मौत के शिकार। चिकित्सा के बढ़ते हुए भाव, डाक्टरों का घोर अभाव। भुज में 'मित्र' को 99 साल के लिए दिया सरकारी अस्पताल। क्या यही है आपके स्वास्थ्य प्रबंध का कमाल?

9वां सवाल : न की कर्ज़ माफ़ी, न दिया फसल का सही दाम। मिली नहीं फसल बीमा राशि, न हुआ ट्यूबवेल का इंतजाम। खेती पर गब्बर सिंह की मार, छीनी जमीन, अन्नदाता को किया बेकार। पीएम साहब बतायें, खेडुत के साथ क्यों इतना सौतेला व्यवहार?

10वां सवाल : आदिवासी से छीनी जमीन, नहीं दिया जंगल पर अधिकार। अटके पड़े हैं लाखों जमीन के पट्टे, न चले स्कूल न मिला अस्पताल, न बेघर को घर न युवा को रोजगार। पलायन ने दिया आदिवासी समाज को तोड़, मोदीजी, कहां गए वनबंधु योजना के 55 हजार करोड़?

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