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गुर्जर आंदोलन :पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प, धारा 144 लागू, कई ट्रेनें रद्द

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 11th, 2019 11:43 IST

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News Highlights

  • गुर्जर नौकरियों और शिक्षा में पांच फीसदी कोटा की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
  • पिछले तीन दिन से जारी गुर्जर आरक्षण आंदोलन रविवार को हिंसक हो गया।
  • धौलपुर और करौली जिले में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी गई है।


डिजिटल डेस्क, जयपुर। नौकरियों और शिक्षा में पांच फीसदी कोटा की मांग को लेकर राजस्थान में पिछले तीन दिन से जारी गुर्जर आरक्षण आंदोलन रविवार को हिंसक हो गया। आंदोलनाकारी रविवार को दिल्ली-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को धोलपुर में जाम करने की कोशिश कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हो गई। इसके बाद आंदोलनकारियों ने पुलिस वाहनों को आग लगा दी और पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद धौलपुर और करौली जिले में सीआरपीसी की धारा 144 लगा दी गई है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से अपील की है कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए। उन्होंने लोगों से कहा है कि ट्रेन की पटरियों पर बैठना सही नहीं है। गहलोत ने कहा कि आंदोलन में कुछ असमाजिक तत्व भी शामिल हो गए हैं, जिसकी वजह से यह हिंसा का रूप ले रहा है। गहलोत ने कहा कि बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे खुले हैं। मुझे लगता है कि उन्हें आकर बात करनी चाहिए।

उधर, रेल अधिकारियों ने बताया कि 11 फरवरी तक कम से कम 65 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। वहीं कई ट्रेनों को डायवर्ट भी करना पड़ा है। रेल अधिकारियों का कहना है कि कोटा डिवीजन में चल रहे गुर्जर आंदोलन के कारण 10 फरवरी को चलने वाली नॉर्थ रेलवे की 18 ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं। 11 फरवरी को चलने वाली दस ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, 12 फरवरी को चलने वाली 12 ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है और 13 फरवरी को चलने वाली 15 ट्रेनों को भी रद्द किया जा रहा है। 

दरअसल गुर्जर समाज नौकरियों और शिक्षा के क्षेत्र में पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर 8 फरवरी से पटरियों और नेशनल हाइवे पर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन की अगुवाई गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला कर रहे हैं। शनिवार को सरकार द्वारा इस मामले के लिए गठित टीम ने बैंसला से मिलने की कोशिश की। हालांकि बातचीत बेनतीजा रहा और बैंसला अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद दूसरे दिन भी आंदोलनकारियों ने नेशनल हाईवे और रेल पटरियों को बंद किए रखा, जिससे की यातायात बाधित रहा। इसके साथ ही सवाई माधोपुर के मलारना डूंगर में भी रेल यातायात को बंद कर दिया है।

रविवार को इस आंदोलन ने उस वक्त उग्र रूप धारण कर लिया, जब वहां पहुंची पुलिस पर भीड़ ने पथराव किया। जिसके जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग की, फायरिंग के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई, उग्र भीड़ ने 3 वाहनों में आग लगा दी, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान उग्र आंदोलनकारियों ने पथराव कर तीन वाहनों में आग लगा दी। रविवार को गुर्जर समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण पोसवाल ने बताया कि सोमवार से जिले में दूध सप्लाई को भी बंद कर दिया जाएगा। 

गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि जिसको जो भी बात करनी है, वो यहीं पटरियों पर आकर करें। हम यहां से नहीं हटेंगे चाहे यह कल हो या परसों हो या 20 दिन बाद। हम आंदोलन पर डटे रहेंगे। अगर सरकार कुछ भी गलत नहीं चाहती है, तो हम जो आरक्षण की मांग कर रहे हैं, वह पूरा करें। इसके बाद सभी लोग अपने अपने घर लौट जाएंगे। 

बता दें कि गुर्जर समाज की मांग है कि सरकार पांच प्रतिशत आरक्षण बैकलॉग के साथ दे। इसको लेकर सबसे पहले 24 सितंबर, 2015 को राजस्थान विधानसभा में SBC बिल पारित हुआ था। इसके बाद राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर, 2015 को नोटिफिकेशन जारी करते हुए इसे लागू किया था। हालांकि 14 महीने तक चले इस बिल को 9 दिसंबर, 2016 को हाईकोर्ट के कहने पर खत्म कर दिया गया था। इसके बाद से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।


 

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