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जानकर हो जाएंगे हैरान, इस शख्स को मिलते हैं महिलाओं को रुलाने के पैसे 

August 31st, 2018 12:55 IST


डिजिटल डेस्क,भोपाल। हममें से हर कोई चाहता है कि वो हमेशा खुश रहे और उदासी कभी करीब भी न आए। इसलिए हम हमेशा तकलीफों से दूर ही रहने की कोशिश करते हैं, लेकिन व्यवहारिक तौर पर ऐसा होना संभव ही नहीं है। जीवन का चक्र ही कुछ ऐसा है कि अगर आज हमारे जीवन में खुशहाली है तो कल कम या ज्यादा मात्रा में दुख जरूर आएंगे। 

रुलाने के लिए महिलाएं देती हैं मोटी फीस 

मानव जीवन को इतनी ज्यादा चीजें प्रभावित करती हैं कि उससे किसी का बचकर निकलना मुमकिन नहीं है। मौसम, सेहत, आर्थिक स्थिति और निजी सम्बंध कुछ ऐसे ही विषय हैं जिनमें उतार-चढ़ाव बने ही रहते हैं और इसी से हमारे जीवन में सुख-दुख तय होते हैं। ऐसे में अगर आपको ये पता चले कि दुनिया के एक हिस्से में ऐसा भी शख्स हैं, जिसे दूसरों को रुलाने के लिए पैसे मिलते हैं और रोने वाले लोग खुद उसे पैसे देकर जाते हैं तो आप हैरान रह जाएंगे। सबसे बड़ी बात इस शख्स के पास सिर्फ महिलाएं ही रोने आती हैं।  

खुलकर रोना भी है एक तरह की थेरेपी

इस व्यक्ति का नाम है हिरोकी तेराई। हिरोकी जाापान के रहने वाले हैं और अपने यहां एक खास थेरेपी चलाने के लिए वो दुनिया भर में खासे पॉपुलर हो रहे हैं।  इस थेरेपी में हिरोकी महिलाओं को रुलाने की सर्विसेस ऑफर करते हैं। दरअसल जापान को वैसे भी दुनिया का सबसे दुखी देश माना जाता हैं और यहां बुजुर्गों के साथ-साथ महिलाएं भी बहुत भावनात्मक दबाव महसूस करती हैं। तलाकशुदा और प्रोफेशनल लाइफ से नाखुश महिलाओं के साथ ये समस्या कुछ ज्यादा ही पाई जाती है। ऐसे में खुलकर रो लेने से इन्हें बड़ी राहत मिलती है और दिल से भावनाओं का बोझ हल्का हो जाता है। 

रोने से कम हो जाता है इंसान का तनाव

हिरोकी का मानना है कि खुलकर रोने से इन महिलाओं का सारा स्ट्रेस काफूर हो जाता है। उन्होंने अपने सेंटर में हैंडसम लड़कों को रखा है जिनका काम थेरेपी लेने आई महिलाओं को भावुक करना होता है। इन आकर्षक लड़कों को देखकर महिलाएं इमोशनल हो जाती हैं और उनके दिल का गुबार आंसुओं के साथ बाहर आ जाता है। कई बार तो महिलाएं फुट-फुटकर रो पड़ती हैं। कहने की जरुरत नहीं कि इसके बाद वो बेहतर महसूस करती हैं और उन्हें इस थेरेपी का फायदा मिलता है।  

11 किताबें लिख चुके हैं हिरोकी 

'क्राइंग सर्विस' के फाउंडर हिरोकी तेराई कोई आम शख्स नहीं बल्कि जापान में काफी मशहूर हैं। वो एक जाने-माने लेखक भी हैं और अब तक 11 किताबें लिख चुके हैं। हिरोकी ने "क्राइंग सर्विस" की शुरुआत साल 2015 में  की थी। हिरोकी 'रुई-कातसु' यानी 'टियर-सीकिंग' नाम का क्राइंग सेशन चलाते हैं और इसी के जरिये वो महिलाओं का तनाव कम करने में सफल रहते हैं।   

काफी रिसर्च के बाद शुरु की 'क्राइंग सर्विस'

हिरोकी ने रोने को लेकर काफी रिसर्च किया और पाया कि रोना भी इंसानी स्वभाव की अहम क्रिया है और व्यस्त जीवन में हम संवेदना खो देते हैं जिससे कि रोना मुश्किल हो जाता है। इसके बाद हिरोकी ने अपना एक ग्रुप बनाया और महसूस किया कि रोने से स्ट्रेस भी काफी कम होता है। आज बड़ी तादाद में महिलाएं अपना तनाव दूर करने के लिए हिरोकी की 'क्राइंग सर्विस' का फायदा उठा रही हैं।  

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