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जानिए होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, रहेगा भद्रा का साया

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 01st, 2018 20:32 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतवर्ष में रंगो का पावन पर्व होली बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। होली वसंत ऋतु के आने और सर्दियों के जाने का प्रतीक है। यह शुभ दिन फाल्गुन महीने में पूर्णिमा के दिन आता है। इस बार होलिका दहन 1 मार्च को किया जाएगा। इसके अगले दिन 2 मार्च को होली (धुलेंडी) खेली जाएगी। इस बार होलिका दहन के लिए विशेष शुभ मुहूर्त भी बताया गया है।

होली पर भद्रा का साया
होलिका दहन पर भद्रा का साया होगा। इसके समाप्त होने के पश्चात ही होलिका दहन किया जाना उत्तम माना गया है। अनेक बार शाम से रात्रिकाल तक भद्रा की स्थिति रहती है। इस बार यह 1 मार्च को 8.19 से 7.24 रात्रि तक रहेगा। इस काल के बाद ही होलिका दहन की सलाह दी जाती है। भद्राकाल ज्योतिषशास्त्र में शुभ नही माना जाता। जिसकी वजह से इस दौरान होलिका दहन ना करने की सलाह दी जाती है।

होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त
होलिका दहन गुरुवार 1 मार्च को किया जाना है। इस दिन शाम को करीब 7.40 तक भद्रा रहेगी। भद्रा काल में होलिका दहन अशुभ माना जाता है। इसके बाद होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 7:40 से 9:00 के बीच बताया गया है। रात 12.39 बजे से 2.12 बजे के मध्य शुभ चौघड़िया काल होगा, इस दौरान भी होलिका दहन कर सकते हैं।

होलिका दहन के बाद धुलेंडी
होलिका दहन के बाद अगली सुबह रंग और गुलाल के साथ जब होली खेली जाती है, तो इसे ही धुलेंडी पर्व कहा जाता है। यह पर्व इस बार 2 मार्च 2018 को मनाया जाएगा। मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में इस दिन विशाल गेर (रैली) भी निकाली जाती है। इस दौरान लोग डीजे के गानों पर झूमते हुए रंग-गुलाल उड़ाते हुए गेर निकालते हैं। विभिन्न स्थानों से धर्म जागरण और मारवाड़ी समाज की गेर के रूप में मस्तानों की टोलियां अबीर-गुलाल और डीजे की धुन और ढोल ताशों की थाप पर निकलेगी।

होली के अगले दिन भाई दूज का महत्व
रंगोत्सव के दूसरे दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। इस बार यह 3 मार्च को है। इसी दिन चित्रगुप्त पूजा भी की जाएगी। भाई दूज के त्योहार को लेकर भारत देश में विशेष स्थान दिया गया है। इस दिन भाई की कुशलता एवं लंबी उम्र की कामना से पूजन किया जाता है। इसे लेकर पौराणिक कथा कही जाती है कि स्वयं यम की बहन यमुना ने अपने भाई से वर मांगा था कि जो भी भाई इस दिन पवित्र नदी में स्नान करके अपनी बहन के यहां भोजन करे उसे मृत्यु का भय ना रहे। ऐसा भी कहा जाता है कि यही वह दिन है जब यम ने अपनी बहन यमुना का सत्कार स्वीकार कर उसके घर भोजन किया था।

ऐसा भी कहा जाता है कि होलिका दहन के दिन विशेष टोटके करने से शत्रुओं का नाश होता है, बुरी शक्तियां दूर रहती हैं और जीवन में खुशहाली का आगमन होता है। यहां हम आपको कुछ ऐसे ही आसान टोटके बताने जा रहे हैं... 

  • 1. यदि आप अपनी जॉब या व्यवसाय की समस्या से परेशान हैं, तो होलिका दहन की जलती अग्नि में साबूत नारियल डालें। ऐसा करने से आपके विभिन्न दोषों का नाश होगा। 
  • 2. होलिका दहन की भस्म भी रोगों का नाश करने वाली बतायी गई है। इसकी अग्नि से से ही घर में अग्नि करने से बीमारी घर से दूर रहती है वहीं यदि इसकी भस्म मरीज के सानेे के स्थान पर छिड़क दी जाए तो बीमारियों से छुटकारा मिलता है। 
  • 3. मेहनत करने के बाद भी यदि सफलता आपसे दूर है तो नारियल के साथ सुपारी और पान भी होलिका को भेंट किया जा सकता है।  
  • 4. जौ का आटा भी होलिका को समर्पित किया जा सकता है। इससे घर में सुख एवं शांति का आगमन होता है। क्लेश एवं विवादों से छुटकारा मिलता है। परिवार में लंबे समय से जारी झगड़ा भी शांत होता है।
  • 5. कई बार बिना बात या अनावश्यक खर्च की भी समस्या आती है। ना चाहते हुए भी खर्चा हो जाता है। ऐसी समस्या से परेशान होने पर आप लाल कपड़े में होलिका की भस्मी बांधकर पर्स में रखें, आपको निश्चित ही लाभ होगा।

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