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फर्जी छात्र संख्या से हड़प रहे थे मध्यान्ह भोजन की राशि, कटौती से मचा समूहों में हड़कंप

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 14:49 IST

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फर्जी छात्र संख्या से हड़प रहे थे मध्यान्ह भोजन की राशि, कटौती से मचा समूहों में हड़कंप

डिजिटल डेस्क, सीधी। जिले के सरकारी स्कूलों में फर्जी छात्र संख्या से स्वसहायता समूहों द्वारा मध्यान्ह भोजन योजना संचालन के लिए मिलने वाली राशि में लंबे समय से बंदरबांट किया जा रहा था। सीईओ द्वारा बीआरसी के मार्फत कराए गए जांच के बाद छात्र संख्या के वास्तविक आंकड़े सामने आने पर राशि में व्यापक कटौती की गई है। मध्यान्ह भोजन राशि में कटौती होते ही समूहों में हड़कंप मच गया है। 
मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन जिले में ठीक ढंग से नहीं हो रहा है।

मेन्यू के आधार पर मध्यान्ह भोजन देना तो दूर कई स्कूलों में तो केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है। सीईओ जिला पंचायत अवि प्रसाद ने मध्यान्ह भोजन योजना में गुणवत्ता लाने जब नकेल कसना शुरू किया तो हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि सीईओ ने समस्त बीआरसी को निर्देशित किया था कि स्कूलों में छात्रों की उपस्थिती का वास्तविक आंकड़ा पता करें ताकि फर्जीवाड़े पर प्रारंभिक रोक लगाई जा सके। बीआरसी द्वारा की गई जांच के बाद छात्रों की वास्तविक उपस्थिती पूर्व के आंकड़ों से कमजोर पाई गई है। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन में गुणवत्ता की अनदेखी करने की भी शिकायत सामने आई है।

बताया जाता है कि छात्रों की कमजोर उपस्थिति के कारण ही समूहों को दी जाने वाली राशि में 18.18 लाख की कटौती कर दी गई है। इसके पहले फर्जी आंकड़ों के आधार पर ही स्वसहायता समूह संचालक राशि हजम कर रहे थे। छात्रों की उपस्थिती बढ़ाकर देने के चलते विद्यालय प्रमुख भी समूहों से कमीशनखोरी कर रहे थे। अब जबकि वास्तविक स्थिति सामने आ गई है और राशि में भारी कटौती की गई है तब समूह संचालकों में हड़कंप मच गया है। 

कहां कितनी हुई राशि कटौती  
जिला पंचायत द्वारा कराए गए छात्र संख्या के परीक्षण बाद जनपद पंचायत सीधी अन्तर्गत 602 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से 5.46 लाख, जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अन्तर्गत 227 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से 2. 49 लाख, जनपद पंचायत मझौली अन्तर्गत 130 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से 1. 28 लाख, जनपद पंचायत कुसमी अन्तर्गत 278 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से 5.06 लाख एवं जनपद पंचायत सिहावल अन्तर्गत 254 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं से 3.89 लाख की कटौती की गई है। इसके पहले तक फर्जी छात्रों के नाम पर मिलने वाली उक्त राशि समूह संचालक हजम कर रहे थे। 
 

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