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गांव में घुसे घायल चीतल की बोटी बोटी बांट ली, आरोपी जेल भेजे गए

गांव में घुसे घायल चीतल की बोटी बोटी बांट ली, आरोपी जेल भेजे गए

डिजिटल डेस्क, ढीमरखेड़ा/ कटनी। पानी की तलाश में भटका चीतल स्ट्रीट डॉग की चपेट में आया। कुत्तों ने तो घायल ही किया था, ग्रामीणों ने दावत उड़ाने घायल चीतल को मारकर बोटी-बोटी बांट ली। भनक लगते ही वन विभाग ने दावत उड़ाने के पहले ही शिकारियों को चीतल के मांस के साथ पकड़ लिया। वन विभाग ने वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 29, 39, 51, 52 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों मवासी पिता धनीराम यादव (28), कमलेश पिता गोपाल सिंह गौड़ (36), वाली पिता गुल्ला भूमिया (22), मनोज पिता मोहन सिंह गौड़ (29), प्रताप पिता तेजीलाल भूमिया (35), बिहारी लाल पिता जवाहर लाल कुम्हार (38) को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ढीमरखेड़ा के न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 

जंगल में किया गया शिकार 
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र के खमरिया गांव में चीतल का शिकार किए जाने की सूचना पर संदेहियों को पकड़ा गया। रेंजर आईपी मिश्रा एवं डिप्टी रेंजर मोहम्मद खालिक ने बताया कि मंगलवार शाम 6.30 बजे खमरिया के कक्ष क्रमांक 266 में चार साल के चीतल को कुत्तों ने खदेड़ा, जिससे वह चोटिल हो गया था। उसके घायल होने की खबर खमरिया गांव के लोगों को पता चलने पर वह चीतल को पकड़ कर जंगल ले गए। जहां चीतल के शरीर से चमड़ी निकाल ली गई एवं शरीर के अंगों को क्षत-विक्षत कर मांस आपस में बांट लिया। आरोपियों से लगभग दो किलो चीतल का मांस जब्त किया गया।

बीट गार्ड पर भी आरोप
वहीं दूसरी ओर गांव के ही आशीष कुमार, जय कुमार, संतोष कुमार, राजेश, विश्राम सिंह, जवाहरलाल, रामबहादुर, अनुज एवं संतोष साहू ने बताया कि खमरिया में पदस्थ बीट गार्ड सुधीर नाई द्वारा आरोपियों के साथ मारपीट की गई एवं सभी को प्रताड़ित कर गुनाह कबूलने का दबाव डाला गया। ग्रामीणों ने बताया कि चीतल की मौत कुत्तों के हमले से हुई थी।

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