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ईरान की US को चेतावनी, तेल निर्यात में बाधा डाली तो नहीं होने देंगे खाड़ी के रास्ते व्यापार

December 04th, 2018 21:09 IST
ईरान की US को चेतावनी, तेल निर्यात में बाधा डाली तो नहीं होने देंगे खाड़ी के रास्ते व्यापार

हाईलाइट

  • ईरान पर अमेरिका का 4 नवंबर से तेल प्रतिबंध लगा हुआ है।
  • ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान के ऑइल एक्सपोर्ट में रुकावट डाली तो वह खाड़ी के रास्ते व्यापार नहीं होने देगा।
  • खाड़ी देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

डिजिटल डेस्क, तेहरान। ईरान पर अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं।ऐसे में अब ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरान के ऑइल एक्सपोर्ट में रुकावट डाली तो वह फारस की खाड़ी के रास्ते से व्यापार नहीं होने देगा। बता दें कि इस रास्ते से खाड़ी के कई देश बड़ी मात्रा में तेल का निर्यात करते हैं। खाड़ी देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा, 'ईरान से तेल के निर्यात को अमेरिका रोक नहीं सकता, उसे ये बात पता होना चाहिए। अगर वह ऐसा करने की कोशिश करता है तो फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात नहीं हो सकेगा।' ईरान अगर फारस की खाड़ी का रास्ता रोकता है तो इसका असर सऊदी अरब से होने वाले व्यापार पर भी पड़ेगा। इस समय दुनियाभर में तेल का सबसे बड़ा निर्यातक देश सऊदी अरब ही है। इससे पहले 1980 से 1988 के बीच भी खाड़ी में विवाद की स्थिति बनी थी। इस दौरान दोनों देशों ने एक दूसरे के तेल के जहाजों पर हमला तक कर दिया था। इसके बाद ईरान ने कई बार खाड़ी से तेल के निर्यात रोकने की धमकी दी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव में कभी इस पर अमल नहीं किया। रूहानी ने जुलाई में भी खाड़ी का रास्ता बंद करने की धमकी दी थी। ऐसे में अगर ईरान ने इस बार यह कदम उठाया तो अमेरिका के साथ टकराव की स्थिति पैदा हो जाएगी।

बता दें कि ईरान से तेल आयात के लिए भारत समेत 8 देशों को अमेरिका ने 180 दिनों की छूट दी है। इन आठ देशों में चीन, भारत, ग्रीस, इटली, ताइवान, जापान, तुर्की और दक्षिण कोरिया है। प्रतिबंध लागू होने के बाद अमेरिका के स्टेट सेक्रेटरी माइक पोम्पियो ने कहा था कि 20 से ज्यादा देशों ने पहले से ही ईरान से अपने तेल आयात में कटौती की है, जिससे प्रति दिन 1 मिलियन से अधिक बैरल खरीददारी कम हो गई है। दरअसल जुलाई 2015 में ईरान का अमेरिका समेत दुनिया की 6 बड़ी ताकतों के साथ परमाणु समझौता हुआ था, जिसे जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ ऐक्शन (JCPOA) नाम से जाना जाता है। कुछ दिन पहले अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान समझौते को गलतियों से भरा बताते हुए इसे तोड़ दिया था और उस पर कड़े प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था।

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