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22 भाषाओं में निपुण होंगे बच्चे -सीबीएसई स्कूलों में नया नियम लागू

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 03rd, 2018 14:26 IST

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22 भाषाओं में निपुण होंगे बच्चे -सीबीएसई स्कूलों में नया नियम लागू

 डिजिटल डेस्क, दमोह। सीबीएसई से संबंधित स्कूलों में छात्र-छात्राओं को राजस्थानी गुजराती तेलुगू और बंगाली सहित 22 तरह की क्षेत्रीय भाषाएं पढ़ाई जाएंगी क्षेत्रीय भाषाओं की खूबियां बच्चों को समझाने के लिए सीबीएसई ने ये प्रोजेक्ट शुरू किया है। सभी स्कूलों में भाषा संगम प्रोजेक्ट 1 दिसंबर से प्रारंभ किया गया है जो 21 दिसंबर तक चलेगा । इस दौरान कक्षा में प्रतिदिन विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय भाषा के सामान्य बोलचाल के लिए शब्द बच्चों को सिखाए जाएंगे ताकि बच्चे दूसरे राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं को समझ और बोल सकें।

पांच वाक्य बोलने का अभ्यास होगा
इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद स्कूलों में एसेंबली के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग भाषा में छात्रों को 5 वाक्य बोलने की प्रैक्टिस कराई जा रही है । यह पहल मानव संसाधन विभाग के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा की गई है प्रोजेक्ट 1 महीने तक चलेगा बोर्ड की इस पहल से छात्र कई भाषाओं को जान सकेंगे । अभी तक छात्र सिर्फ हिंदी और इंग्लिश भाषा सीख रहे थे लेकिन अब वे अन्य भाषाएं भी सीख रहे हैं  । विद्यार्थियों को भाषाओं का ज्ञान कराने और देश की संस्कृति से साक्षातकार कराने की मंशा से यह योजना स्कूलों में लाई जा रही है । ऐसा भी बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए स्कूलों में बहुभाषी शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों को भाषाओं का ज्ञान कराने के बाद उनकी परीक्षा भी ली जाएगी।

देश की क्षेत्रीय भाषाओं का ज्ञान कराने की मंशा से शुरू हो रही इस योजना को शिक्षाविद कारगर कर बता रहे हैं प्रदेश के बाहर रोजगार की तलाश और नौकरी करने जाने वाले युवाओं को ऐसे में उस प्रदेश या क्षेत्र में संवाद स्थापित करने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा साथ ही उन्हें दूसरे काम में भी आसानी होगी।

इन भाषाओं को सीखेंगे छात्र
सीबीएसई के अनुसार इस प्रोजेक्ट के तहत असमी बंगाली बोडो डोंगरी गुजराती हिंदी कन्नड़ कश्मीरी कोकड़ी मैथिली मलयालम मणिपुरी मराठी नेपाली उडिय़ा पंजाबी संस्कृत संथाली सिंधी तमिल तेलुगू उर्दू आदि भाषाएं अलग अलग दिन एसेंबली में बुलाई जाएगी।

इन शब्दों की करेंगे प्रैक्टिस
स्कूलों में प्रति क्लास के छात्र को भाषा संगम की बुकलेट भी दी गई है इसमें 22 भाषाओं के कुछ महत्वपूर्ण शब्दों का अनुवाद है। इस बुकलेट से छात्रों को पता चलेगा कि अलग-अलग भाषाओं में वाक्य कैसे लिखें और बोले जाते हैं ।छात्रों को नमस्कार आपका नाम क्या है । मेरा नाम अवनि है । आप कैसे हैं मैं ठीक हूं । आदि पांच वाक्य अलग-अलग भाषा में बोलने का अभ्यास करवाया जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इसकी लगातार प्रैक्टिस से उनकी पकड़ भाषाओं पर अच्छी हो जाएगी।

इनका कहना है
इस आदेश के तहत शालाएं प्रांरभ करा दी है सभी को आदेश के अनुसार निदेर्शित किया गया है। -अनूप अवस्थी प्राचार्य केदीय विधालय दमोह।

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