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कटनी: ऋण घोटाले में अंत्यावसायी के सीईओ और लेखापाल निलंबित, भोपाल की टीम करेगी जांच

February 21st, 2019 18:53 IST
कटनी: ऋण घोटाले में अंत्यावसायी के सीईओ और लेखापाल निलंबित, भोपाल की टीम करेगी जांच

डिजिटल डेस्क, कटनी। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के ऋण प्रकरणों में गड़बड़ी का दोषी पाए जाने पर मप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सचिव ने अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कटनी के मुुख्य कार्यपालन अधिकारी पी.के.वर्मा एवं लेखापाल श्यामाबाई पासी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय जिला अंत्यावसायी सहकारी समित दमोह नियत किया गया है। अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कटनी के मुुख्य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार दमोह के सीईओ एन.के.अग्रवाल को सौंपा है। सचिव ने 2015-16 से अभी तक स्वरोजगार योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर 15 दिन में प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए हैं।

दलालों से मिलकर किया घोटाला
मप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सचिव ने आदेश में लेख किया है कि जिला अंत्यावसायी विकास समिति मर्यादित कटनी द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना क्रियान्वयन में की गई वित्तीय अनियमितता की जांच कलेक्टर द्वारा गठित कमेटी द्वारा की गई। जिसमें दलालों के साथ मिलीभगत कर नियम विरुद्ध तरीक के से शासकीय राशि अन्य व्यक्तिओं को भुगतान किया जाना पाया गया। सीईओ, लेखापाल एवं सेंट्रल मप्र ग्रामीण बैंक देवरीटोला के प्रबंधक द्वारा व्यक्तिगत हित के लिए शासन से मार्जिन मनी अनुदान के लिए प्राप्त राशि का दुरुपयोग करते हुए गंभीर वित्तीय अनियमितताएं करना पाया गया।

हितग्राहियों ने की थी शिकायत
14 हितग्राहियों की शिकायत पर कलेक्टर ने अपर कलेक्टर आर.उमा माहेश्वरी द्वारा की गई जांच में सात हितग्राहियों को ऋण में फर्जीवाड़ा की पुष्टि हुई थी। कलेक्टर के.व्ही.एस.चौधरी ने कार्यवाही की अनुशंसा के साथ जांच प्रतिवेदन मप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम भोपाल भेज दिया था। इसी बीच मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल ने भी अतारांकित प्रश्न क्रमांक 358 के तहत विधानसभा में यह मामला उठाया था। कलेक्टर के प्रतिवेदन और विधानसभा में मामला उछलने पर शासन को कार्रवाई करने विवश होना पड़ा।

तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मप्र अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सचिव द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2015-16 से अभी तक मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना एवं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के क्रियान्वयन में की गई वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित की है। जिसमें एम.एल.जाट सीईओ जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास मर्यादित समिति इंदौर, अंबिका सुमन सीईओ पन्ना एवं आर.डी.फ्रेकंलि प्रभारी सीईओ खरगौन को शामिल किया गया है। इस समिति को 15 दिन में जांच करके प्रतिवेदन देने के निर्देश दिए गए हैं। बताया गया है कि यह गड़बड़ी केवल 2018 में दिए गए ऋण प्रकरणों में सामने आई है।

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