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मप्र: जर्जर शाला भवन, घर में लगती है पाठशाला, प्राथमिक शाला जेताटोला का मामला

January 22nd, 2019 19:11 IST
मप्र: जर्जर शाला भवन, घर में लगती है पाठशाला, प्राथमिक शाला जेताटोला का मामला

डिजिटल डेस्क, मंडला। केंद्र और प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बेशक डिजिटल इंडिया या फिर सर्व शिक्षा अभियान को अमलीजामा पहनाने में लगी हो। परंतु हकीकत में पढ़ने आने वाले बच्चों के लिए स्कूलों में बैठने की व्यवस्था तक नहीं है। कहीं जर्जर हालात वाले भवनों में बच्चे पढ़ने के लिए आ रहे हैं, तो कहीं घर पर पाठशाला लग रही है। मामला मप्र के मंडला जिले का है, जहां प्राथमिक शाला जेताटोला का भवन जर्जर होने के कारण घर पर बच्चों की क्लास लग रही है। आज भी बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।

अभिभावकों ने की मरम्मत की मांग
शासन ने देश का भविष्य बनाने और हर बच्चे को शिक्षित करने के लिए स्कूल खोल दिए हैं, लेकिन शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूल में माहौल ही नहीं है। स्कूल भवन तक नहीं है। ऐसा ही मामला माधोपुर संकुल के जेताटोला में सामने आया है, यहां स्कूल भवन जर्जर होने के बाद मरम्मत नहीं हुई, जिसके कारण शाला गांव की ही एक गरीब महिला के घर में लग रही है। यहां अभिभावक स्कूल भवन मरम्मत की मांग कर रहे हैं।

हो सकता है बड़ा हादसा
जानकारी के मुताबिक ग्राम जैताटोला में प्राथमिक शाला का भवन जर्जर हो गया है। इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों की गई, भवन की हालत देखने के बाद हादसे की संभावना को देखते हुए भवन में कक्षाओं के संचालन को रोक दिया गया, लेकिन विभाग के नए भवन की व्यवस्था नही बनाई। जिसके बाद यहां स्कूल के शिक्षकों के द्वारा धनेश्वरी भलावी के मकान में कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया। यहां पिछले एक साल से स्कूल लग रहा है।

नहीं हैं किसी प्रकार की सुविधाएं
स्कूली बच्चों के लिए सुविधाएं नहीं हैं। जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां दूर-दूर से अध्ययन के लिए बच्चे आ रहे हैं। यहां बच्चे छीरपानी, पंडाटोला 2 किलोमीटर दूर, मरारटोला लगभग 3 किलोमीटर दूर, डगनी टोला डेढ़ किलोमीटर दूर से बच्चे पढ़ने आ रहे हैं, लेकिन उन्हे बैठने के लिए जगह नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल की मरम्मत की जाए।

अब करना पड़ेगा खाली
ग्रामीण मथुरा मार्को, सुरेन्द्र सिंह मदनसिंह, फूलचंद, सतीश मार्को, मनोज परते, द्वारा परते, धीरज मार्को, खुमानसिंह, फागू लाल, जयसिंह ने बताया है कि गांव में कोई अन्य शासकीय भवन नहीं है। जहां कक्षाओं का संचालन हो सके। अब धनेश्वरी भलावी की बेटी की शादी है। अभी तक महिला ने बच्चों के लिए अपना मकान छोड़कर एक छोटे से कमरे में निवास कर रही थी, लेकिन अब शादी होने के कारण मकान की जरूरत है। जिससे स्कूल संचालन में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिससे अभिभावक चिंतित हैं।

सीईओ ने दिए निर्देश
यहां जिला मुख्यालय स्कूल के बच्चें और अभिभावक आए। जिला पंचायत सीईओं ने अभिभावको से चर्चा की, उन्होने कहा कि बच्चों को स्कूल से यहां तक लाने की आवश्कता नहीं थी, अभिभावकों को आश्वासन दिया कि स्कूल की मरम्मत करा दी जाएगी। डीपीसी को कहा कि तत्काल गांव में जाकर स्कूल का निरीक्षण करें। स्कूल के लिए मरम्मत का प्रस्ताव भेजा गया है, तत्काल मरम्मत करें। राशि आने का इंतजार नहीं किया जाए। भुगतान बाद में हो जाएगा। सीईओं के निर्देश पद डीपीसी ने निरीक्षण किया है।

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