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अगस्ता वेस्टलैंड: घोटाले को लेकर हाथ लगे जरूरी दस्तावेज, हुए चौंकाने वाले खुलासे

December 31st, 2018 22:17 IST
अगस्ता वेस्टलैंड: घोटाले को लेकर हाथ लगे जरूरी दस्तावेज, हुए चौंकाने वाले खुलासे

हाईलाइट

  • मीडिया एजेंसी ANI ने रविवार को एक चौंका देने खुलासा किया है।
  • ANI को प्राप्त हुए दस्तावेज के मुताबिक सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को भारत में बिजनेस करने पर बैन लगाया था।
  • ANI को प्राप्त हुए दस्तावेज के अनुसार भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस साल 8 नवंबर को सबसे लेटेस्ट बैन लगाया था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। न्यूज एजेंसी ANI ने सोमवार को एक चौंका देने खुलासा किया है। ANI को प्राप्त हुए दस्तावेज के मुताबिक वर्तमान केंद्र सरकार ने लियोनार्डो ग्रुप की अगस्ता वेस्टलैंड समेत सभी सिस्टर कंपनियों को भारत में बिजनेस करने पर बैन लगाया था। यह रिपोर्ट कांग्रेस के उन दावों के विपरीत आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि NDA सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैकलिस्ट से हटा दिया है और कंपनी को भारत में फलने-फूलने दे रही है। 

क्या लिखा है दस्तावेज में?
ANI को इस मामले से जुड़े जो दस्तावेज मिले हैं उनके अनुसार भारतीय रक्षा मंत्रालय ने इस साल 8 नवंबर को अगस्ता वेस्टलैंड पर सबसे लेटेस्ट बैन लगाया था। रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार ने इटैलियन ग्रुप लियोनार्डो (पहले फिनमेकेनिका के नाम से जाना जाता था) को बैन करते हुए छह महीने के लिए भारत में बिजनेस करने से रोक दिया था। इस मामले पर रक्षा मंत्रालय ने फिर से विचार करते हुए लियोनार्डो (तत्कालीन फिनमेकेनिका) पर प्रतिबंध की अवधि को और बढ़ाने का फैसला किया था। दस्तावेज से पता चलता है कि प्रतिबंध लगाने का अंतिम आदेश 8 मई, 2018 को जारी किया गया था। ANI ने बताया कि लियोनार्डो कंपनी को भारत में बिजनेस करने से बैन करने का सबसे पहला आदेश 3 जुलाई, 2014 को जारी किया गया था। यह फैसला NDA सरकार बनने के तुरंत बाद लिया गया था। उस वक्त अरुण जेटली डिफेंस पोर्टफोलियो संभाल रहे थे। 

इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रविवार को मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया था। सुरजेवाला ने कहा था कि मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड के साथ व्यापारिक संबंधों को संशोधित किया था और फिनमेकेनिका (लियोनार्डो) ग्रुप को भारत में बिजनेस करने की अनुमति दी थी। सुरजेवाला ने ये भी दावा किया था कि मोदी सरकार ने फिनमेकेनिका को 2015 में बैंगलोर में आयोजित हुए एयरो इंडिया-2015 प्रदर्शनी में भाग लेने की अनुमति दी थी। जबकि कांग्रेस ने एक साल पहले इसे ब्लैकलिस्ट किया था। ऐसे में ANI को हाथ लगे यह दस्तावेज कांग्रेस के दावों की पोल खोल सकते हैं।

क्या है अगस्ता वेस्टलैंड हेलि‍कॉप्टर घोटाला?
बता दें कि फिनमेकेनिका (लियोनार्डो) ग्रुप की सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड इन दिनों आरोपों में घिरी हुई है। साल 2010 में तत्कालीन मनमोहन सरकार ने इंडियन एयरफोर्स के लिए 12 VVIP हेलि‍कॉप्टर खरीदने के लिए इटैलियन कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड से सौदा किया था। सौदे में घोटाला होने के आरोपों के बाद 2014 में केन्द्र सरकार ने इस सौदे को रद्द कर दिया था। इसके बाद इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी। इसी कड़ी में आरोपी बिचौलिये मिशेल को दुबई से दिल्ली लाया गया था। इन्फोर्समेंट डायरक्टोरेट की टीम फिलहाल मिशेल से पूछताछ कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में दिल्ली की एक अदालत को बताया था कि मिशेल ने "श्रीमती गांधी" का नाम लिया था, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि गांधी असल में कौन थी और किस संदर्भ में उसने "श्रीमती गांधी" का नाम लिया है।

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