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कोयला कारोबारियों पर इनकम टैक्स के छापे : नागपुर, चंद्रपुर और बिलासपुर में एक साथ शुरू हुई कार्रवाई

कोयला कारोबारियों पर इनकम टैक्स के छापे : नागपुर, चंद्रपुर और बिलासपुर में एक साथ शुरू हुई कार्रवाई

डिजिटल डेस्क, नागपुर। इनकम टैक्स विभाग ने पॉवर प्लाट को आपूर्ति होनेवाला कोयला बाजार में बेचने के आरोप में कोयला कारोबारियों पर छापमार कार्रवाई की। विभाग ने एक साथ 20 स्थानों पर छापेमार कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में नगदी, जेवरात व अहम दस्तावेज जब्त किए है। इंकम टैक्स की कार्रवाई से काेयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वेकोलि की तरफ से पावर प्लांटों को ऊर्जा निर्मिति के लिए कोयले की आपूर्ति की जाती है। स्वामी फ्यूल प्रा. लि. ने पावर प्लाट के साथ मिलिभगत कर वहां से कोयला लेकर बाजार में बेचा। यह गैरकानूनी काम लंबे समय से जारी था। सरकार के निर्देश पर पावर प्लांटों को वाजिब दाम पर कोयला उपलब्ध कराया जाता है। पावर प्लांटों से कोयले की चोरी व कोयले का परिवहन कर अन्य जगह बेचने के मामले में आज छापेमारी हुई है। विभाग ने नागपुर, चंद्रपुर व बिलासपुर में एक साथ 20 जगहों पर छापे मारे। छापे में बड़ी मात्रा में नगदी, जेवरात व लाकरों का पता चला है।

पॉवर प्लाट का कोयला बाजार में बेचने का मामला

स्वामी फ्यूल प्रा. लि. की तरफ से कोयले की अवैैध ट्रैडिंग व ट्रांसपोर्टींग की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने 20 दस्ते तैयार किए आैर गुरुवार सुबह एक साथ यह छापामार कार्रवाई शुरू हुई। विभाग ने कंपनी के चार डायरेक्टर नितीन उपारे, संदीप अग्रवाल, श्यामसुंदर मित्तल व रणजीतसिंह छाबरा के आवास व कार्यालयों पर छापें मारे। नितीन उपारे नागपुर के गोदरेज आनंदम में जबकि तीन अन्य डायरेक्टर चंद्रपुर में रहते है। कार्रवाई में इंकम टैक्स के 150 अधिकारी-कर्मचारी लगे है। नागपुर मंे सूर्यनगर, गणेशपेठ, गांधीबाग व रामदासपेठ में कार्रवाई हुई है। कार्रवाई शुक्रवार तक चलेगी।

होती थी कोयले की मिक्सिंग

वेकोलि की तरफ से पावर प्लांटों को अलग-अलग ग्रेड के कोयले की आपूर्ति होती है। कोयला कारोबारियों द्वारा मिक्सिंग करके कोयले को बेचने की खबर है। निजी पावर प्लांट के अलावा सरकार की निगरानी में चलनेवाले शासकीय व अर्धशासकीय पावर प्लांट से भी कोयले की चोरी करने की जानकारी है।

ये लगा हाथ

छापे में कारोबारियों के आवास व कार्यालयों से करोड़ों की नगदी के अलावा आभूषण, दस्तावेज, बैंक के कागजात, संपति के दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट व अलग-अलग जगह खरीदी गई संपति का पता चला है। लाकरों का पता चला है। लाकर खुलने के बाद ही नगदी व आभूषणों का सही आंकडा बाहर आ सकेगा।

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