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भारत में भी है शादी से पहले हनीमून मनाने की इजाजत

BhaskarHindi.com | Last Modified - October 08th, 2018 22:48 IST

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डिजिटल डेस्क। आपने पश्चिमी देशों में ये देखा होगा कि कपल्स लिव इन में रहते हैं। एक साथ बेड शेयर करते हैं और शारीरिक संबंध भी बनाते हैं। अब भारत के कुछ बड़े शहरों में भी ये देखने को मिल जाता है, लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं एक ऐसी प्रथा के बारे में जो भारत में लंबे समय से चली आ रही है। इस प्रथा में शादी के पहले ही हनीमून मनाने का रिवाज है। जी हां भारत में ही एक ऐसी जगह है जहां पर शादी से पहले ही होने वाले दुल्हे को हनीमून मनाने का मौका मिल जाता है। भारत के एक राज्य छत्तीसगढ़ में बस्तर में एक ऐसी जनजाति रहती है, जिसके लोग ये अजीबो-गरीब प्रथा का पालन करते हैं। आपको बता दें कि ये प्रथा जिस जनजाति के द्वारा की जाती है उसे गोंड जनजाति कहते हैं। इन्हें घोटुल भी कहा जाता है। गोंड़ जनजाति के लोग मुख्यरूप से छत्तीसगढ़ और झारखंड से हैं। 

 गृहस्थी की दी जाती है शिक्षा

जानकारी के अनुसार इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य है किशोरों को शिक्षित करना है। इस परंपरा की मदद से घर गृहस्थी सहित तमाम जिम्मेदारियों के बारे में शिक्षित करना है। इस जनजाति के लोगों की माने तो इस परंपरा की शुरुआत लिंगो पने यानि कि लिंगो देव ने की थी। इनको गोंड जनजाति के लोग देवता के रूप में मानते हैं और इनकी पूजा करते हैं।

हनीमून के लिए झोपड़ियों में रखा जाता है कपल्स को

इस प्रथा के अंतर्गत बस्ती से झोपड़ियां बनाई जाती हैं, जहां इन बच्चों के जोड़ों को रखा जाता है। यहां पर इन बच्चों को शिक्षा दी जाती है. इस प्रथा में शामिल हुए लड़के को चेलिक और लड़की को ममोटियार कह कर पुकारा जाता है। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस परंपरा का सबसे सकारात्मक पहलू ये है कि इसे प्रथा के चलते इस जनजाति में आज तक एक भी बलात्कार की घटना नहीं हुई है।

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