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डोकलाम के बाद आज भारत-चीन के NSA करेंगे बात, 2 दिन चलेगी बैठक

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 22nd, 2017 09:25 IST

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डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत और चीन के बीच डोकलाम सीमा विवाद पर लंबे समय से बात करने की कोशिश की जा रही है। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे है। इसी के मद्देनजर आज दिल्ली में दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बातचीत करेंगे। भारत की ओर से अजीत डोभाल चीन के यांग जीएची से बात करेंगे। बता दें कि भारत चीन के बीच बातचीत का यह 20वां राउंड है। जानकारी के अनुसर ये बैठक दो दिनों तक चलेगी।

अजीत डोभाल पर जिम्मेदारी


बता दें कि हाल ही में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन समकक्ष वांग यी से इस विषय पर बातचीत की थी। अब इस विवाद को सुलझाने का जिम्मा अजीत डोभाल के जिम्मे हैं। डोभाल ने 27 जुलाई को बीजिंग में चीन के स्टेट काउंसलर यांग जिएची से इस बारे में बात की थी। बताया जाता है कि दोनों के बीच काफी सख्त लहजे में बातचीत हुई थी। यांग ने डोभाल से सीधा सवाल किया था कि क्या यह आपकी जगह है? जिस पर अजीत डोभाल ने भी बड़ी बेबकी से जवाब दिया था कि क्या हर विवादित क्षेत्र चीन का हो जाता है?

OBOR समित का भी बहिष्कार कर चुका भारत


बता दें कि चीन लगातार पाकिस्तान के समर्थन में आवाज उठाता रहा है। चीन पीओके में सीपीईसी का निर्माण कर रहा है। जिसका भारत काफी समय से विरोध कर रहा है। भारत के अनुसार पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है। जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। चीन का पाक सीमा में CPEC का निर्माण भारत की संप्रभुता का उल्लंघन करना है। इसी कारण भारत ने चीन में आयोजित OBOR समित का भी बहिष्कार किया था।

डोंगलांग रीजन का हिस्सा डोकलाम, चीन का दावा

डोकलाम विवाद के बाद से ही भारत और चीन के बीच रिश्तों में खटास बनी हुई है। पिछले महीने ही चीन और भारत के अधिकारियों ने बीजिंग में भारत-चीन मामलों पर परामर्श व समन्वय कार्यतंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) के 10वें चरण में सीमा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की थी। इसी साल भारत-चीन बॉर्डर के डोकलाम इलाके में देनों देशों की सेनाओं के बीच तनातनी बन गई थी। बता दें कि ये विवाद सड़क बनाने को लेकर ही शुरू हुआ था। भारतीय सेना के दल ने चीन के सैनिकों को इलाके में सड़क बनाने से रोका था। 

 


जिस पर चीन दावा कर रहा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा है। चीन का दावा है कि ये इलाका उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। वहीं भारत इसे अपना हिस्सा बता रहा है। चीन को भारत के दबाव के आगे डोकलाम से सेना हटाना, अभी तक रास नहीं आ रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ ने कहा कि यह विशेष प्रतिनिधि मुलाकात केवल सीमा मुद्दे पर बातचीत के लिए ही नहीं बल्कि रणनीतिक वार्तालाप का भी एक प्लेटफॉर्म है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात दोनों पक्षों को अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों को साझा करने का भी मौका है। 


 

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