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चाइनीज हैकर्स के निशाने पर "वॉट्सएप",सेना ने दी सतर्क रहने की सलाह

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 20th, 2018 12:39 IST

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डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। इंडिया में वाट्सऐप यूजर्स चीनी हैकर्स के निशाने पर है। ये खुलासा भारतीय सेना ने किया है। इसे लेकर सेना ने एक वीडियों भी जारी किया है। वीडियो के माध्यम से सेना ने लोगों को सतर्कता बरतने को कहा है। सेना ने करीब 4 महीने पहले भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर तैनात सैनिकों को वॉट्सएप समेत कई अन्य एप्स के इस्तेमाल में सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

ये कहा गया है वीडियो में
इंडियन आर्मी के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया है। विडियो में कहा गया है, 'चीन आपकी डिजिटल दुनिया में घुसपैठ के लिए हर तरह के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है। वॉट्सऐप ग्रुप आपके सिस्टम में सेंध लगाने और हैकिंग का एक नया औजार है। +86 से शुरू होने वाले चाइनीज नंबर आपके ग्रुप में घुसपैठ के बाद सभी डेटा को चुराना शुरू कर देते हैं।' सेना ने यूजर्स को सजग रहने की सलाह दी है और उनसे अपील की है कि वे अपने ग्रुप की नियमित तौर पर जांच करते रहें कि कहीं +86 से शुरू होने वाला कोई नंबर आपके ग्रुप में शामिल तो नहीं है। विडियो में आगे कहा गया, 'अगर आप सिम कार्ड चेंज करते हैं तो उसे पूरी तरह नष्ट कर दें।' विडियो में आगे यह भी कहा गया है कि वॉट्सऐप ग्रुप से चुराई गई सूचनाएं चीन के हैकर्स के पास पहुंच रही हैं। 

 

सजग रहे,सतर्क रहें,सुरक्षित रहें
ट्वीट में कहा गया है, सजग रहे,सतर्क रहें,सुरक्षित रहें। भारतीय सेना सोशल मीडिया के उचित एवं नियमबद्ध एकाउंट को प्रोत्साहित करता है। हैकिंग जोरो पर है, उनके लिए जो असावधान हैं। अपने सोशल मीडिया को हमेशा चेक करें। व्यक्तिगत एवं ग्रुप एकाउंट के बारे में सावधान रहें, सुरक्षित रहें। इस ट्वीट में रक्षा मंत्रालय को भी टैग किया गया है।

हैकर्स ने की थी सेना के सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश
कुछ दिन पहले हैकर्स ने भारतीय सेना के सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश की थी, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया था। माना जा रहा था कि ये हैकर पाकिस्तान या चीन के हो सकते है। हैकिंग की इस कोशिश को विफल करने वाले सेना के वहीं जांबाज अधिकारी है जो करगिल युद्ध के हीरो रहे चुके हैं। अगर ये हैकर सिस्टम को हैक करने में कामयाब हो जाते तो कई महत्वपूर्ण और गुप्त जानकारी दुश्मनों के हाथ लग सकती थी। गौरतलब है कि चीन और पाकिस्तान के हैकर्स पिछले कुछ सालों से काफी सक्रिय हैं और सेना के सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे है।

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