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गेट्स का बड़ा बयान, 'भारत सरकार काबिल नहीं लेकिन बेहतरीन चीजें हुईं'

BhaskarHindi.com | Last Modified - November 21st, 2017 19:37 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर शख्स और माइक्रोसोफ्ट कंपनी के सह-संस्थापक बिल गेट्स के भारत सरकार को लेकर विचारों ने सबको चौंका दिया है, उनका मानना है भारत सरकार को न्यूट्रीशन और एजुकेशन कि दिशा में और संजीदगी से काम करना होगा लेकिन वो भारत को लेकर पॉजिटिव जरूर हैं उन्होनें कहा कि 'भारत सरकार पूर्णत काबिल नहीं है लेकिन कुछ बेहतरीन चीजें जरूर हुई हैं। बिल गेट्स 'गिविंग प्लेज' के सिलसिले में भारत आए थे जिसमें इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि ने अपनी आधी संपति उनको दान कर के 'गिविंग प्लेज' पर साइन किए हैं।

'कहा ग्लास आधा भरा है आधा खाली नहीं'- गेट्स

भारत के बिजनेसमैन दंपति के ‘गिविंग प्लेज’ से जुड़ने के बाद इकॉनोमिक टाइम्स से की गई बातचीत में उन्होनें कहा कि ' ये तो नजरिये का फर्क है किसी को ग्लास आधा खाली लगता है तो किसी को भरा, मैनें ज्यादातर लोगों को कहते सुना की भारत सरकार कुछ नहीं करती, लेकिन ऐसा कहना सही नहीं है, 'भारत सरकार कुछ नहीं करती' कहना आसान है लेकिन उसके बारे में सोचना और करना थोड़ा कठिन। भारत सरकार काबिल नहीं है लेकिन अब तक कुछ कमाल की चीजें जरूर हुई हैं। मैं चकित रह गया कि लोगों के मन में मुझसे ज्यादा सरकार के लिए नकारात्मकता भरी हुई है।

न्यूट्रीशियन और स्वास्थय क्षेत्र में मेहनत की जरुरत -गेट्स

बिल गेट्स के कुछ मामलों पर सरकार की तारीफ जरुर की लेकिन वो इस बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत को स्वास्थय और एजुकेशन क्षेत्र को लेकर गंभीरता से सोचना और काम करना होगा। भारत का आर्थिक भविष्य अच्छा है। इसके साथ उन्होनें अपनी बात रखते हुए कहा कि 'सरकार पोषण और स्वास्थ को लेकर सजग है ये अच्छी बात है, वरना कितनी ही सरकारें होती हैं जो इस विषय पर बात भी करती हैं।  
उन्होनें कहा कि ये कुछ ऐसे सपने हैं जो जल्द पूरे नहीं किये जा सकते। जब तक बच्चों को बेहतर पोषणयुक्त भोजन नहीं मिलेगा तो उनका डेवलपमेंट भी ठीक से नहीं होगा, इसलिए सरकार को इस संबंध में काम करने की जरुरत है, इसलिए यहां ग्लास आधा भरा है आधा खाली नहीं।

क्या है गिविंग प्लेज? 

गिविंग प्लेज बिल गेट्स और अमेरिकी निवेशक वॉरेन बफेट द्वारा शुरू की एक पहल है। इसे 6 साल पहले शुरु किया गया था। इस प्लेज में साइन करने वाले लोग अपने जीते-जी वसीयत के माध्यम से कम से कम आधी संपत्ति परोपकार के काम के लिए दान करनी होती है। भारत में नीलेकणि दंपती से पहले विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी, बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ और शोभा डिवेलपर्स के प्रमोटर पी एन सी मेनन इस पर दस्तखत कर चुके हैं। आपको बता दें अब तक 171 लोग गिविंग प्लेज साइन कर चुके हैं।

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