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चमक विहीन गेंहू खरीदा तो रिजेक्ट होगा समितियों का स्टॉक, जिला प्रबंधक ने दिए निर्देश

चमक विहीन गेंहू खरीदा तो रिजेक्ट होगा समितियों का स्टॉक, जिला प्रबंधक ने दिए निर्देश

डिजिटल डेस्क, सिंगरौली(वैढ़न)। जिले के 29 खरीदी केन्द्रों को नागरिक आपूर्ति विभाग ने अल्टीमेटम जारी किया है। जिला प्रबंधक ने कहा कि यदि समितियों द्वारा चमक विहीन और अमानक गेंहू की खरीदी की गई तो स्टॉक को रिजेक्ट कर दिया है जाएगा। उन्होंने केन्द्रों से नॉन एफएक्सयू का गेंहू तत्काल केन्द्रों से हटाए जाने के निर्देश दिए हैं। उधर सहकारिता विभाग के अफसरों का कहना है कि यदि गेंहू ठीक है तो पंजीकृत किसान से खरीदी की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि केन्द्रों का निरीक्षण उपज की सफाई के लिए समितियों को व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीदी केन्द्रों की जांच कर किसानों के लिए पेयजल और टेंट लगाने के समितियों को सख्त हिदायत दी गई है।

अब तक 94 हजार क्विंटल की खरीदी
जिले में 23 मार्च से जारी गेंहू की सरकारी खरीदी में अब तक 94 हजार क्विंटल उपज का उपार्जन हो पाया है। समर्थन मूल्य में खरीदी में किसानों के सामने नहीं आने से अफसरों की मुसीबतें बढऩे लगी हैं। जानकारी के मुताबिक पंजीयन के लिहाज से अब तक आधे किसान भी उपज की बिक्री के लिए सामने नहीं आए हैं। किसानों के केन्द्रों में नहीं पहुंचने के पीछे अफसर शादी-विवाह में व्यस्त होने का कारण बता रहे हैं।

सीधी-उमरिया भुगतान में आगे, सिंगरौली पीछे
जस्ट इन टाइम पोर्टल की जानकारी के मुताबिक सीधी और उमरिया के किसान भुगतान प्राप्त करने में आगे हैं, जबकि सिंगरौली पीछे है। हालांकि अफसर जिले सभी किसानों का ईपीओ जारी करने का दावा कर रहे हैं। जस्ट इन टाइम की रिपोर्ट पर गौर करें तो भुगतान के मामले में सिंगरौली जिला माइनस ग्रेड पर है।

गोदाम के पास 6 केन्द्रों में खरीदी
मार्कफेड और वेयर हाउस कॉर्पोरेशन के 6 गोदामों के पास गेंहू की खरीदी की जा रही है। परिवहन व्यय को बचाने के लिए इस बार अफसरों ने यह प्रक्रिया अपनाई है। बताया जाता है चिनगी टोला, उर्ती, नवानगर, दुधमनियां, महुआगांव और सरई में गोदाम के पास खरीदी केन्द्र संचालित हैं।

इनका कहना है
चमक विहीन गेंहू की खरीदी पर रोक लगाई गई है। यदि समितियों द्वारा मानक के अनुरूप गेंहू का उर्पाजन नहीं किया तो स्टॉक को रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
जीपी मिश्रा, जिला प्रबंधक नान

खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर किसानों के लिए टेंट और पेयजल की व्यवस्था कराई गई है। यदि किसानों को परेशान करने की शिकायत मिली तो समितियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पीके मिश्रा, उपायुक्त, सहकारिता

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