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ईरान के अमेरिकी ड्रोन गिराने के बाद बढ़ा तनाव, कई एयरलाइंस ने बदला रास्ता

ईरान के अमेरिकी ड्रोन गिराने के बाद बढ़ा तनाव, कई एयरलाइंस ने बदला रास्ता

हाईलाइट

  • हारमूज की खाड़ी में चल रहा है ईरान और अमेरिका के बीच विवाद
  • ईरान ने अमेरिका के दो जासूसी ड्रोन गिराए
  • कई उड़ानें रद्द, कई विमानों के बदले रास्ते

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। होर्मुज की खाड़ी में ईरान द्वारा अमेरिका के जासूसी ड्रोन गिराए जाने के बाद खाड़ी में तनाव बढ़ गया है। तनाव के चलते कई एयरलाइन्स ने अपनी फ्लाइट के रूट बदल लिए हैं। साथ ही कई एयरलाइन्स ने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर से गुजरने वालीं फ्लाइट को रोक दिया है। एयरलाइन्स के अधिकारियों के अनुसार यात्रियों की सुरक्षा के चलते यह कदम उठाया गया है। अमेरिका के यूनाइटेड एयरलाइन, डच एयरलाइन और जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा की उड़ाने इसके चलते प्रभावित हुई हैं।

अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइन्स ने न्यूयॉर्क से मुंबई की फ्लाइट सस्पेंड कर दी है। दरअसल, यूनाइटेड एयरलाइन्स के विमान ईरान के वायुक्षेत्र से होकर भारत आते हैं। कंपनी ने अपने बयान में कहा, यूनाइटेड ने ईरान में चल रही घटनाओं के मद्देनजर ईरान के हवाईक्षेत्र से गुजरने वाली भारतीय उड़ानों की सुरक्षा समीक्षा की और न्यूयॉर्क से मुंबई की उड़ान को निलंबित करने का निर्णय लिया।' कंपनी ने कहा कि पहले से टिकट ले चुके यात्रियों को यूनाइटेड एयरलाइंस की वैकल्पिक सेवाओं का टिकट दिया जाएगा। डच एयरलाइन KLM ने होर्मुज की खाड़ी के वायुक्षेत्र से जाने वाली उड़ानें रोक दी हैं। जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने भी ओमान की खाड़ी और हारमूज खाड़ी के पास के क्षेत्र में उड़ानों पर रोक लगा दी है। 

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप एक बार ईरान पर हमले का आदेश देकर टाल चुके हैं। मेल ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक अब ट्रंप ने ओमान के माध्यम से ईरान को वार्ता का संदेश पहुंचाया है। कथित तौर पर ईरान ने ये प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया है। साथ ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अमेरिका को इस विवाद को लेकर चेतवानी दी है कि अगर वह ईरान पर हमला करता है तो इससे भारी तबाही मचेगी। ऐसी स्थिति में उस वायुक्षेत्र से प्लेन्स का गुजरना सुरक्षित नहीं है।

बता दें कि होर्मुज की खाड़ी के पास ईरान ने अमेरिका का जासूसी ड्रोन उसकी सीमा में घुसने के चलते गिरा दिया था। अमेरिका के अनुसार ये ड्रोन अंतर्राष्ट्रीय वायु क्षेत्र में था, जबकि ईरान का कहना है कि ये ड्रोन ईरान के सीमा क्षेत्र में थे। अब ईरान ने उस ड्रोन का एक वीडियो जारी किया है। 

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