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रूस के इस शहर में ठंड से लोगों की पलकें जम गईं, पारा -67

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 06th, 2018 16:05 IST

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डिजिटल डेस्क, मॉस्को। पूरी दुनिया में सर्दी के कहर ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई देशों में पारा शून्य से कई डिग्री नीचे गोते खा रहा है। ऐसा ही कुछ हाल रूस के यकुतिया का है। 10 लाख की आबादी वाले इस शहर का पारा माइनस 67 डिग्री तक पहुंच गया है।
                                              
आमतौर पर यकूतिया में तापमान -40 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जाता है। मॉस्‍को स्‍टेट यूनिवर्सिटी के मेट्रोलॉजिकल स्‍टेशन के अनुसार 2017 दिसंबर माह में यहां केवल 6 मिनट धूप रिकार्ड की गई है। 

सर्दी से इस शहर का हाल इतना बुरा हो गया है कि प्रशासन ने लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि इससे पहले 1933 में ऐसा हुआ था कि पारा -67 डिग्री तक लुढ़क गया था। 

बता दें कि यह प्रांत में दुनिया के सबसे ठंडे जगहों में से एक है। वहीं इस साल सर्दी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। सर्द मौसम के चलते लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। जानकारी के अनुसार इस इलाके में पूरे दिसंबर में सिर्फ 6 मिनट धूप ही रिकार्ड की गई है। यहां कई जगह पारा माइनस 67 डिग्री तक पहुंच गया है।

ओइमाकॉन में पारा -62 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा
रूस के साइबेरिया में घाटी में बसे गांव ओइमाकॉन का भी यही हाल है। यहां पारा लुढ़क गया है। 500 की आबादी वाला यह गांव दुनिया की सबसे ठंडी जगह माना जाता है। इन इलाकों में लोगों के आंखों की पलकों पर बर्फ जमी हुई नजर आ रही है। इन इलाकों में बर्फबारी के चलते यहां का आम जनजीवन काफी प्रभावित हो गया है। यहां पेन की स्याही तक जमने लगी है। वहीं थर्मामीटर भी बंद पड़ गए है।

बता दें कि दुनिया में अब तक की सबसे ज्यादा ठंड 1993 में ओयम्याकोन में ही पड़ी थी। यहां का पारा माइनस 71 डिग्री तक पहुंच गया था। 

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