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अपना फायदा देखते हैं महबूबा और उमर, जम्मू-कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं : राज्यपाल मलिक

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 31st, 2019 21:39 IST

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अपना फायदा देखते हैं महबूबा और उमर, जम्मू-कश्मीर से कोई लेना-देना नहीं : राज्यपाल मलिक

News Highlights

  • जम्मू-कश्मीर में पंचायत और निकाय चुनावों में भाग न लेने को लेकर पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर बरसे राज्यपाल मलिक
  • राज्यपाल मलिक ने कहा- दोनों दलों के प्रमुख नहीं चाहते कि प्रदेश मजबूत हो और लोगों का विकास हो
  • मलिक बोले- मैंने चुनाव में हिस्सा लेने के लिए दोनों से आग्रह किया था, लेकिन वे नहीं माने


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पिछले साल राज्य में हुए पंचायत और निकाय चुनावों में भाग न लेने को लेकर पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निशाना साधा। राज्यपाल ने कहा कि दोनों दलों के प्रमुख नहीं चाहते कि प्रदेश मजबूत हो और लोगों का विकास हो। वे बस खुद का सशक्तिकरण चाहते हैं, इसलिए दोनों नेताओं ने पंचायत चुनाव का विरोध किया।

अखनूर में एक कार्यक्रम में सीधे-सीधे मेहबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला पर तंज कसते हुए राज्यपाल ने कहा, 'राज्य में हुए पंचायत चुनाव के पूर्व मैं उमर और मेहबूबा के घर गया था। मैंने चुनाव में हिस्सा लेने के लिए दोनों से आग्रह किया था, लेकिन वे नहीं माने।'

सत्यपाल मलिक ने कहा, 'मैं प्रोटोकोल तोड़ कर मेहबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला से मिलने उनके घर गया था। मुफ्ती साहब के घर तो मुझे जाना था क्योंकि उनके निधन के बाद मैं वहां जा नहीं पाया था। मेहबूबा के साथ में उमर के घर भी गया जो कि मुझसे उम्र में छोटे हैं। मैंने दोनों नेताओं से अनुरोध किया कि पंचायत चुनाव में हिस्सा लें क्योंकि यह आपके राज्य का भला करेगा। गांव के विकास के लिए आपके सरपंच को 65 लाख से 1 करोड़ रूपया मिलेगें, जिससे प्रदेश सशक्त बनेगा। लेकिन दोनों ने मेरी बात नहीं मानी। इससे यही साबित होता है कि वे बस खूद फायदा देख रहे हैं। प्रदेश और प्रदेश की जनता को सशक्त बनाने के बजाय खूद को सशक्त बनाना चाहते हैं और इसलिए चुनाव का विरोध कर रहे थे।'

सत्यपाल मलिक के इस बयान के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस लीडर और राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'राज्यपाल महोदय, ऐसे अपमानजनक बयान राज्यपाल के पद पर असीन व्यक्ति को शोभा नहीं देते। मैं राज्यपाल पद का सम्मान करता हुं, इसलिए उन बातों के जिक्र से बचता हूं जो आपसे मुलाकात के दौरान हमारे बीच हुई थी। राज्यपाल महोदय, आपसे विनती है कि राजनीति बंद करें और अपने काम पर ध्यान दें।'

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