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एसपी ऑफिस के सामने आग लगाने वाले कन्हैया की जिला अस्पताल में मौत

एसपी ऑफिस के सामने आग लगाने वाले कन्हैया की जिला अस्पताल में मौत

डिजिटल डेस्क, छतरपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने खुद को आग लगा लेने वाले कन्हैया अग्रवाल की मंगलवार की सुबह जिला अस्पताल में मौत हो गई। इस बीच जिले के पांचों कांग्रेस विधायकों ने मिलकर मुख्यमंत्री कमलनाथ से जिले में लगातार खराब हो रही कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। मुख्यमंत्री ने विधायकों को घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन देने के साथ ही कानून व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इधर शहर के अधिवक्ताओं ने कन्हैया की मौत के लिए एसपी व कोतवाली टीआई को जिम्मेदार ठहराते हुए कलेक्टर को ज्ञापन देकर दोनों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उधर एसपी तिलक सिंह ने कोतवाली टीआई को लापरवाही बरतने के लिए नोटिस किया है।
 

विधायकों ने नौगांव में लड़की को जलाने, थुराटी कांड का मुद्दा भी उठाया
इस बीच मंगलवार को कन्हैया अग्रवाल की मौत के बाद विधानसभा सत्र के दूसरे दिन भोपाल में भी घटनाक्रम तेजी से चला। छतरपुर विधायक आलोक चतुर्वेदी, राजनगर विधायक विक्रम सिंह नातीराजा, बिजावर विधायक राजेश शुक्ला, बड़ा मलहरा विधायक प्रद्युम्न लोधी एवं महाराजपुर विधायक नीरज दीक्षित ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से लगातार बिगड़ रही जिले की कानून व्यवस्था को लेकर शिकायत दर्ज कराई। विधानसभा भवन में विधायक आलोक चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को बताया कि नौगांव में एक युवती को जिंदा जला दिया गया। इसी तरह लवकुशनगर के थुराटी गांव में सात माह पहले एक महिला ने दुराचार के मामले में कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर महिला के पति ने दो बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली। फिर भी पुलिस ने इन प्रकरणों के दोषियों पर कोई कार्रवाई करने से परहेज किया। 

कलेक्टर से मिले अधिवक्ता, एसपी-टीआई पर कार्रवाई की मांग

कलेक्टोरेट में मंगलवार को कन्हैया के आत्मदाह मामले में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने इकट्ठे होकर कलेक्टर मोहित बुंदस को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने एसपी व टीआई को घटना के लिए दोषी बताते हुए उन्हें हटाने की मांग की है, साथ ही उन पर लापरवाही करने की वजह से प्रकरण दर्ज कराए जाने की मांग की है। अधिवक्ताओं ने कलेक्टर से कहा कि बेहद गंभीर घटना हुई है, कलेक्टर को स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का अधिकार है। इस अधिकार का इस्तेमाल उन्हें करना चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान एडवोकेट विवेक भटेले, हिमांशु चौरसिया, महेंद्र शर्मा, रवि पांडे, नाजिम चौधरी अरविंद प्रजापति, इमत्याज खान, शिवप्रताप मौजूद रहे।
 

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