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मरता क्या न करता नाट्य मंचन में पति-पत्नी की खट्टी-मीठी नोक-झोंक ने गुदगुदाया

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 12th, 2018 15:54 IST

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मरता क्या न करता नाट्य मंचन में पति-पत्नी की खट्टी-मीठी नोक-झोंक ने गुदगुदाया

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शॉपिंग के लिए बार-बार पति से पैसे मांगने पर शांतुन पत्नी काजल को 50 हजार रुपए देने से इनकार कर देता है। शांतनु के पैसे देने से इनकार करने पर काजल  गुस्सा होकर मायके चली जाती है। फिर शांतनु का दोस्त सचिन तीन दिन की छुट्टी लेकर बैंकॉक चलने की बात कहता है।  इसके लिए शांतनु, अपने बॉस सौरव मसराम से पत्नी के बीमार होने का कारण बताकर छुट्टी मांगता है और वहीं से कहानी में ट्विस्ट आता है और पति की कंडीशन मरता क्या न करता वाली हो जाती है। नाटक में शांतनु और काजल ने अपने अभिनय से सभी को गुदगुदाया। पति-पत्नी की खट्टी-मीठी नोक-झोंक ने दर्शकों को बांधे रखा। नाटक का मंचन साईं सभागृह शंकर नगर में  प्रयास बहुउद्देशीय सामाजिक संस्था व मो. रफी फैंस कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

नाटक के सभी पात्रों के अभिनय से दर्शकों ताली बजाते रहे। शांतनु को उसका बॉस सौरव कहता है कि वह काजल की तबीयत देखने शाम को घर आ रहा है। शांतनु की पत्नी काजल तो रूठ कर मायके चली गई थी। शांतनु अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड को कुछ घंटे के लिए उसकी पत्नी बनने के लिए कहता है वह इनकार कर देती है। फिर उसके घर पर सेल्स गर्ल आती है जिसे वो अपनी दास्तां बताकर पत्नी बनने की बात कहता है तो वह भी इनकार कर देती है।

घर में काम करने वाली सखु बाई से कहता है तो वो भी इनकार कर देती है। अब शांतुन परेशान हो जाता है फिर तीनों लड़कियां शांतनु की परेशानी समझकर सोचती है कि उसको मुसीबत से निकालने के लिए उसकी मदद करनी चाहिए। जब शांतनु किसी और को अपनी पत्नी बनाकर बॉस के सामने लाता है और बॉस उसे छुट्टी की इजाजत दे देते हैं तभी ये तीनों आ जाती हैं और खुद को शांतनु की पत्नी काजल बताती हैं। तभी शांतनु के मुंह से निकल पड़ता है कि मरता क्या न करता।

ये कलाकार थे शामिल
मरता क्या न करता नाटक के निर्माता शक्ति ठाकुर हैं। नाटक का लेखन व निर्देशन प्रियंका ठाकुर ने किया है। संगीत अभिजीत तराले ने दिया। रंगमंच व्यवस्था स्वप्निल बोहाटे की है। लाइट शिवशंकर मालौदे ने दिया है। नाटक में विशेष सहयोग मो. सलीम, गौरव राऊत का था। नाटक में कलाकार प्रणाली राऊत, निकिता ठाकुर, सायली कुबडे, अश्लेषा वाघाये, अश्विनी मांडवकर, सिद्धांत गौतम, आशु खत्री, सौरभ मेश्राम और शांतनु ठेंगडी ने अभिनय किया है।

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