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#Kisan आंदोलन : पंजाब-कर्नाटक में बंद बेअसर , राजस्थान में विशेष सत्र की मांग

BhaskarHindi.com | Last Modified - July 27th, 2017 16:09 IST

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#Kisan आंदोलन : पंजाब-कर्नाटक में बंद बेअसर , राजस्थान में विशेष सत्र की मांग

टीम डिजिटल, नई दिल्ली. किसान संगठनों द्वारा आज सोमवार पंजाब और कर्नाटक में बुलाया गया बंद बेअसर रहा. दोनों राज्यों की राजधानियों के कुछ इलाकों में ही थोड़ा बहुत असर दिखा. बाकी जगह यह पूरी तरह बेअसर रहा. उधर राजस्थान में किसान संगठनों ने किसानों की समस्या पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. भारतीय किसान संघ ने अपनी 13 मांगें ना मानने पर 15 जून से महापड़ाव का ऐलान भी किया है.

इससे पहले कल राजस्थान के शहरी इलाकों में कुछ जगहों पर  किसानों ने सड़कों पर दूध बहाया था. राजस्थान के 5 जिलों के कई गांवों में बंद भी रखा गया था . बंद के समर्थन में किसानों ने डेयरियों की दूध सप्लाई और सब्जियों और अनाज की आपूर्ति भी रोक ली गई थी .

इस दौरान राजस्थान में किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों को समर्थन देने और मध्यप्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिये कई गांवों में बैठकों आयोजन किया और कई जगह श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. आंदोलित किसानों के समर्थन में प्रदेश के छह जिलों के कई गांवों में बंद का आयोजन किया गया. आंदोलन की इसी कडी में करौली, दौसा, पाली, चित्तौडगढ़ और प्रतापगढ़ जिलों के गांवों में सोमवार को बंद रखा जायेगा और किसानों से सम्बध रखने वाले कई और लोग भी किसानों की मांगों को समर्थन देने के लिये एक साथ मिलकर आवाज उठायेंगे.

उधर, हार्दिक आज सोमवार गुजरात से उदयपुर पहुंचेंगे और मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ उनके मध्यप्रदेश के मंदसौर जाने की संभावना है. पटेल नवनिर्माण सेना के जिला अध्यक्ष गेहरी लाल डांगी ने बताया कि हार्दिक पटेल का अगले दिन मंदसौर जाने का कार्यक्रम है, लेकिन प्रशासन उन्हें इसकी इजाजत देगा या नहीं यह अभी तक तय नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि गुजरात और राजस्थान के पाटीदार समाज के लोग मध्यप्रदेश के आंदोलित किसानों का समर्थन करते है और पटेल की अपनी यात्रा के दौरान मंदसौर में आंदोलित किसानों के सदस्यों से मिलने की इच्छा है.

इस बीच एनसीपी नेता शरद पवार ने बीजेपी सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा है कि बिना देरी किए तुरंत कर्जमाफी की व्यवस्था की जानी चाहिए. कर्ज माफ का फैसला तो हो गया लेकिन इसके लिए पैसा कहां से आएगा?  मुंबई में किसान संगठनों और महाराष्ट्र सरकार के ग्रुप ऑफ मिनिस्टर की बैठक के बाद कर्ज माफी का फैसला हो गया है. मोटे तौर पर सहमति ये बनी है कि स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र में कर्ज माफी होगी. स्वामीनाथन आयोग ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की सिफारिश की थी. इस सिफारिश को लागू करने के लिए बनी समिति के मुखिया सीएम फडणवीस खुद होंगे. 

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