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कराना है फिश पेडीक्योर, तो पहले जान लें ये जरुरी बातें

कराना है फिश पेडीक्योर, तो पहले जान लें ये जरुरी बातें

डिजिटल डेस्क। हर महिला की चाह होती है कि वो खूबसूरत लगे जिसके लिए वो हर संभव उपाए करती हैं, फिर चाहे घरेलू नुख्सों की बात हो या ब्यूटीपार्लर या स्पा की। हर जगह खूबसूरती को बरकारार रखने के लिए तरह-तरह के मसाज, फैसियल आदि किए जाते हैं। बात करें पेडीक्योर की तो आजकल फिश पेडीक्योर काफी चलन में है, खासकर के मॉल्स में आपको फिश स्पा जरुर ही मिल जाएगा। आइए बताते हैं आपको फिश पेडीक्योर के फायदे और नुकसान के बारे में।

फिश पेडीक्योर के फायदे
पैरों की खूबसूरती बनाएं रखने, टैनिंग दूर करने के लिए लोगों के बीच फिश पेडिक्योर का काफी ट्रेंड चल रहा है, यह एक तरह की थेरेपी का काम करती है। इस पेडीक्योर में छोटी-छोटी, गारा रूफा नाम की मछलियां पेरों की डेड स्किन को निकालकर उसे खा जाती है। इससे पैरों की स्किन सोफ्ट हो जाती है और पेरों के दर्द में आराम भी मिलता है। फिश पेडीक्योर कराने से एक्जिमा और सोरायसिस जैसी बीमारियों में भी आराम मिलता है। इस पेडीक्योर से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा रहता है, साथ ही यह पेडीक्योर अधिक मंहगा भी नहीं होता।  

फिश पेडीक्योर के नुकसान और सावधानियां

  • पार्लर में कई बार एक ही टैंक में कई लोग पेडिक्योर कराते हैं और टैंक का पानी चेंज भी नहीं किया जाता है। जो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए कोई भी पेडीक्योर हो उसकी साफ-सफाई का ध्यान पहले रखें। यह ध्यान दें कि फिश पेडीक्योर के लिए टैंक का पानी बदला गया है कि नहीं। ऐसा न होने पर टैंक में मौजूद माइक्रोबैक्टीरिया से आपको स्किन इंफेक्शन हो सकता है। 
  • इसके अलावा अगर आपको पैर में चोट लगी हो तो फिश पेडीक्योर न कराएं, ऐसे में पैरों में और चोट लग सकती है और खून भी आ सकता है। 
  • पेडीक्योर कराते समय अगर पैरों से खून आने लगे तो तुरंत पैर टैंक से बाहर निकालकर चोट में एंटीसेप्टिक दवा लगाएं। 
  • जिन लोगों को शुगर की बीमारी या फिर जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर है वे लोग भूलकर भी फिश पेडीक्योर न कराएं।
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