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बेल पर जेल से लालू की रिहाई, कोर्ट ने दिया पासपोर्ट जमा करने का आदेश

BhaskarHindi.com | Last Modified - May 16th, 2018 12:59 IST

बेल पर जेल से लालू की रिहाई, कोर्ट ने दिया पासपोर्ट जमा करने का आदेश

डिजिटल डेस्क, रांची। आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव आज (बुधवार) जमानत पर रांची जेल से बाहर आ सकते हैं। उन्हें इलाज के लिए हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी, लेकिन जमानत का आदेश सीबीआई की विशेष कोर्ट तक नहीं पहुंच सका था। जिसके कारण उन्हें मंगलवार की रात भी जेल में ही गुजारनी पड़ी। बुधवार को कोर्ट ने लालू यादव के लिए रिलीज ऑर्डर जारी कर दिया है, साथ ही कोर्ट ने उनकी रिहाई के लिए पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है। कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद लालू यादव रिहा हो जाएंगे। 

 

बेटे की शादी के लिए मिली थी पैरोल

बता दें कि बड़े बेटे तेजप्रताप की शादी के लिए लालू यादव पेरोल पर बाहर आये थे, लेकिन शादी समारोह में शामिल होने के बाद उनको वापस जेल जाना पड़ा था। सोमवार की रात लालू रांची के होटवार जेल लौटे थे। मंगलवार को लालू का बेल बांड नहीं भरा जा सका था। उनके बेलर लौट गए थे। बताया गया कि अंतरिम जमानत संबंधी हाईकोर्ट का आदेश कोर्ट नहीं पहुंच सका था जिसकी वजह से लालू जेल से रिहा नहीं हो पाए थे। 

 

कोर्ट पहुंचे जमानतदार

बुधवार को बिहार के बहादुरपुर के आरजेडी विधायक भोला यादव सहित लालू यादव के अन्य जमानतदार कोर्ट पहुंचे। चाईबासा मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसएस प्रसाद की कोर्ट में बेल बांड भरे जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 50-50 हजार के दो बेल बांड भरे गए हैं। इसके बाद कोर्ट ने लालू यादव के लिए रिलीज ऑर्डर जारी कर दिया है, लेकिन कोर्ट ने उनकी रिहाई के लिए पासपोर्ट जमा करने का भी आदेश दिया है। 

 

चारा घोटाले में सजा काट रहे हैं लालू

गौरतलब है कि लालू प्रसाद चारा घोटाला में सजा काट रहे हैं। उनको रांची हाईकोर्ट ने इलाज के लिए 6 हफ्ते की सशर्त जमानत दी है। जेल से बाहर रहने के दौरान लालू किसी राजनीतिक रैली को संबोधित नहीं करेंगे। वहीं मीडिया से बात करना भी प्रतिबंधित रहेगा। लालू यादव को इलाज के लिए सबसे पहले मुंबई ले जाया जाएगा, जहां उनके हार्ट का इलाज होगा। बता दें कि करीब तीन साल पहले मुंबई के एशियन हार्ट अस्पताल में लालू के हार्ट का ऑपरेशन हो चुका है। मुंबई के बाद उन्हें दिल्ली के मेदांता या अन्य किसी अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। 

 

लालू प्रसाद यादव के करीबी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने झारखंड सरकार पर परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा ठीक नहीं है। भोला यादव ने आरोप लगाया था कि रिम्स की गाइडलाइन के अनुसार लालू यादव को चिकित्सकीय लाभ नहीं मिला। रिम्स ने दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखने का निर्देश दिया था, लेकिन होटवार जेल में अनुभवी कंपाउंडर भी नही हैं, जो सही तरीके से इंसुलिन का इंजेक्शन भी दे सकें। रिम्स प्रशासन ने पेरोल पर छूटने के बाद दो वरिष्ठ डॉक्टरों को लालू की देखभाल के लिए पटना भी भेजा था, लेकिन रांची आते ही दोनों को हटा दिया गया।

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