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नागपुर के फेमस जू महाराजबाग की मान्यता हो गई रद्द, जान लीजिए कारण

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 04th, 2018 21:56 IST

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नागपुर के फेमस जू महाराजबाग की मान्यता हो गई रद्द, जान लीजिए कारण

डिजिटल डेस्क, नागपुर। संतरानगरी में आने वाले एक बार उपराजधानी के फेमस जू महाराजबाग में जरूर जाते हैं, लेकिन यह खबर वन्यजीवन को करीब से देखने की चाहत रखने वालों को परेशान कर सकती है। इस ऐतिहासिक चिड़ियाघर की मान्यता रद्द कर दी गई है। देश भर की चिड़ियाघरों और रेस्क्यू सेंटरों की निगरानी करने वाले प्राधिकरण सीजेडए यानि दी सेंट्रल जू अथॉरिटी ने जू रूल्स-2009 के तहत आने वाले कई नियमों और आदेशों का पालन नहीं करने के कारण मान्यता का आवेदन अस्वीकार कर दिया। इसे लेकर सीजेडए का पत्र 29 नवंबर को जारी किया गया था। चिड़ियाघर का प्रबंधन देखने वाले पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ को यह पत्र सोमवार शाम मिला। 

दिसबंर 1997 में जारी हुआ था पहला शो कॉज नोटिस

महाराजबाग को सीजेडए से पहला शो कॉज नोटिस 10 दिसंबर 1997 में जारी किया गया था। नोटिस में कहा गया था कि प्रबंधन या तो चिड़ियाघर को बंद कर दे या किसी बेहतर जगह पर शिफ्ट करें। इसके बाद भी सीजेडए की टीम समय-समय पर चिड़ियाघर का मूल्यांकन कर रही थी। अंतिम मूल्यांकन इस वर्ष के जनवरी में किया गया था। महाराजबाग की मान्यता संबंधी अवधि नवंबर 2017 को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद से संबंधित प्रबंधन सीजेडए द्वारा दिए गए कई सुझावों को लागू कर मान्यता जारी रखने का निवेदन कर चुकी है। इस वर्ष 26 सितंबर को हुई बैठक में कमियों को दूर करने की महाराजबाग की ओर किए गए प्रयासों से असंतुष्ट सीजेडए ने मान्यता रद्द करने का फैसला किया। 19 नवंबर को अंतिम रूप से फैसला ले लिया गया। 

सीजेडए ने अप्रूव नहीं किया मास्टर प्लान

जू के इंचार्ज डॉ एसएस वावस्कर के अनुसार मूल्यांकन रिपोर्ट 23 मार्च को हुई टेक्निकल कमेटी की बैठक में रखी गई थी। इसमें बताई गई कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया। इसके बाद दिल्ली में 11 मई को हुई सीजेडए की सुनवाई में उन्होंने महाराजबाग की ओर से अपनी बात रखते हुए कहा कि प्राधिकरण बाग के मास्टर प्लान को अप्रूव कर दे तो बाकी कमियां भी दूर की जा सकती हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चिड़ियाघर को जीव-जंतुओं के पिंजरे और बाड़े व नियुक्तियों से संबिधित आदेशों को लागू करना चिड़ियाघर का मास्टर प्लान मंजूर किए जाने के पर ही संभव है। 

मान्यता के लिए केंद्र सरकार से अपील

डॉ वावस्कर ने बताया कि सीजेडए ने मान्यता बनाए रखने के लिए केंद्र से अपील करने को कहा है। अब सीजेडए द्वारा बताई गई सभी कमियों को दूर कर मान्यता के लिए फिर अपील किया जाएगा। इस बाबत पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला के कुलगुरु वीएम भाले जल्द सीजेडए के साथ बैठक करेंगे। 

ये कहा गया है

  • -चिड़ियाघर के परिसर में जारी योग कक्षाएं बंद की जाएं।
  • -बच्चों के खेलने की जगह की सही तरीके से घेराबंदी नहीं की गई है।
  • -सुबह टहलने वालों के निशुल्क प्रवेश पर रोक लगाई जाए। 
  • -चिड़ियाघर के पूर्व व पश्चिम के तरफ चाहरदिवारी बनाई जाए।
  • -परिसर में स्थित फूड स्टालों पर प्लास्टिक पैकेटों में खाद्य पदार्थों की ब्रिकी पर रोक लगाए।
  • -ठोस अपशिष्ट के निपटान की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। 
  • -अवारा कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाएंद्ध
  • -चिड़ियाघर के इंचार्ज के पास वित्तीय शक्ति का अभाव

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