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लोकसभा चुनाव लड़ने से सुमित्रा ताई का इनकार, पत्र लिखकर जाहिर की पीड़ा

लोकसभा चुनाव लड़ने से सुमित्रा ताई का इनकार, पत्र लिखकर जाहिर की पीड़ा

हाईलाइट

  • स्पीकर सुमित्रा महाजन का बड़ा ऐलान
  • लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी, पत्र लिखकर जताई पीड़ा
  • इंदौर से लगातार 8 बार सासंद रही हैं सुमित्रा महाजन

डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोकसभा स्पीकर और इंदौर से लगातार 8 बार से सांसद का चुनाव जीत रहीं सुमित्रा महाजन ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान कर दिया है। मीडिया को जारी पत्र में सुमित्रा महाजन ने चुनाव ना लड़ने की घोषणा की। दरअसल, बीते लंबे समय से इंदौर में बीजेपी की तरफ से उम्मीदवार को लेकर असमंजस की स्थिति देखी जा रही थी, जिसके बाद ताई ने ये फैसला लिया है। 

पत्र में सुमित्रा महाजन ने इंदौर लोकसभा से उम्मीदवार घोषित न करने पर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए लिखा है कि आज तारीख तक भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर से अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। उन्होंने यह पूछा है कि यह अनिर्णय की स्थिति क्यों है ? ताई ने कयास लगाए हैं कि संभव है कि पार्टी को निर्णय लेने में कुछ संकोच हो रहा है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठों से बहुत पहले इस पर चर्चा की थी और उन्हीं पर फैसला छोड़ दिया था। लगता है उनके मन में अब भी कुछ असमंजस है। ताई ने लिखा कि इन्हीं सब बातों को देखते हुए वो घोषणा करती हैं कि उन्हें अब लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना है। अत: पार्टी अपना निर्णय मुक्त मन से करे, नि:संकोच होकर करे।

ताई ने उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने उन्हें आज तक सहयोग दिया। सुमित्रा महाजन ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से अपील की कि पार्टी जल्द ही अपना निर्णय ले, जिससे आने वाले दिनों में सभी को काम करने में सुविधा होगी और असमंजस की स्थिति खत्म होगी। 

1989 से लगातार सांसद हैं सुमित्रा ताई
सुमित्रा महाजन ने 1989 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता था। यह चुनाव उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु और मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश चंद्र सेठी को हराकर जीता था। तब से सुमित्रा ताई लगातार संसद की सीढ़ियां चढ़ती आ रही हैं। 2014 में आठवीं बार लोकसभा जीतने पर उन्हें स्पीकर जैसे महत्वपूर्ण पद का दायित्व दिया गया। इससे पहले वो अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं। 

ताई की ना के बाद बीजेपी किसे देगी टिकट ?
सुमित्रा महाजन के चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद अब सबकी जुबान पर यही सवाल है कि बीजेपी किसे उम्मीदवार बनाएगी। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सबसे प्रमुख दावेदार हैं, हालांकि वह पं, बंगाल बीजेपी के प्रभारी हैं। लिहाजा उनके चुनाव लड़ने या ना लड़ने का फैसला पार्टी नेतृत्व बहुत सोच-समझकर लेगा। इसके अलावा कृष्ण मुरारी मोघे, सत्य नारायण सत्तन, गोपी कृष्ण नेमा और महापौर व विधायक मालिनी दौड़ के नाम पर भी पार्टी विचार कर रही है।

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