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प्रसिद्ध जैन तीर्थ स्थल, जानिए हर एक की है क्या खासियत...

February 18th, 2018 07:59 IST

नई दिल्ली, डिजिटल डेस्क। श्रावणबेलगोला एक छोटा सा गांव है, किंतु भगवान बाहुबली की भव्य मूर्ति की वजह से यह पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां जारी महामस्तकाभिषेक के उपलक्ष्य में हम आपको ऐसे तीर्थ स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं जो जैन संप्रदाय में ही नही पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं...

सबसे बड़ा तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी

जैन धर्म मंे सबसे बड़ा तीर्थस्थल सम्मेद शिखरजी माना जाता है। यह झा खंड के गिरडीह में छोटा नागपुर के पठार पर स्थित है। इसे पाश्र्वनाथ पहाड़ कहा जाता है। इसी पुण्य स्थल पर जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों ने मोक्ष प्राप्त किया था।

भगवान पाश्र्वनाथ की जन्मभूमि

जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पाश्र्वनाथ की जन्मभूमि यही है। ईसा से लगभग 2 हजार वर्ष पूर्व पौष कृष्ण दशम या एकादशी के शुभ दिन पर वाराणासी के राजा अश्वसेन के घर हुआ था। वे 30 वर्ष की आयु में गृह त्यागकर सन्यासी हो गए थे। 83 दिन की कठोर तपस्या के बाद उन्हें 84वें दिन सम्मेद शिखर पर कैवल्य की प्राप्ति हुई थी। वहीं श्रावण शुक्ल की अष्टमी को सम्मेद शिखर पर निर्वाण प्राप्त हुआ था। 

तीर्थराज कुंडलपुर

चैत्र शुक्ल तेरस को माता त्रिशला ने यहीं अपनी तीसरी संतान के रूप में वर्धमान को जन्म दिया जो बाद में महावीर बने। यह इ्र्रसा से 599 साल पहले का समय था। वर्धमान के माता जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर के अनुयायी थे। 


बिहारपावापुरी 

यह वह स्थान है जहां जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने 72 वर्ष की उम्र में 526 ईसा पूर्व निर्वाण प्राप्त किया था। यह स्थान बिहार के नालंदा जिले में स्थित है। इसके समीप ही अन्य तीर्थस्थल राजगीर और बोधगया भी हैं। 

ये भी हैं खास

इसके अतिरिक्त गिरनार पर्वत, कैलाश पर्वत, अयोध्या, चंपापुरी, बावनगजा चूलगिरि, चांदखेड़ी, पालिताणा जैन तीर्थ गुजरात भी इनके तीर्थस्थलों में से एक है। 

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