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वन्यजीवों से होने वाले नुकसान का मूल्यांकन करेगी कमेटी

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 11th, 2019 17:04 IST

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वन्यजीवों से होने वाले नुकसान का मूल्यांकन करेगी कमेटी

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  महाराष्ट्र सरकार ने वन क्षेत्रों के आसपास स्थित परिसर में वन्यजीवों के घुसने और उसके कारण होने वाले नुकसान के कारण ग्रामीणों की मदद तय करने के लिए कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में वन अधिकारी, कानून अधिकारी और अशासकीय सदस्यों को शामिल किया गया है। हाल के दिनों में वन्यजीवों के आसपास के परिसर में घुसने की घटनाओं में वृद्धि के कारण स्थानीय निवासी, किसान व खेत मजदूर भय में जी रहे हैं। इसके कारण लोग खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं। राज्य की ओर से गठित कमेटी में अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक अध्यक्ष, विनोद तिवारी सदस्य विधि, तसनीम अहमद सदस्य, अधिकारी के तौर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व केंद्रस्थ अधिकारी संजीव गौड़, पुणे के वनसंरक्षक आरके वानखेड़, अमरावती के उपवनसंरक्षक गजेंद्र नरवणे, विधि विशेषज्ञ फिरदौर मिर्जा, सुहास तुलजापुरकर, मुग्धा चांदूरकर, इम्तीयाज खैर्दी, नितेश भुतेकर, मोहन किसन, रवि किसन शामिल हैं। कमेटी का कार्यक्षेत्रकमेटी वन्य जीवों बाघ, तेंदुआ या भालू के कारण खेत, खेत के पास स्थित भूमि, मजदूरों के खेत में काम नहीं करने के कारण हुआ नुकसान, खेत में होने वाली फसल, मजदूरी होने के बाद हुए नुकसान का मूल्यांकन, नुकसान के मूल्यांकन के लिए नियम शर्ते तय करना। वन्यजीव के कारण फसल को हुए नुकसान के मूल्यांकन से अलग राज्य सरकार की ओर से तैयार की गई विधियों में से योग्य विधि तय करने में मदद करना, इससे संबंधित बीमा योजनाओं को लागू किए जाने में मदद करेगी। 

पूरी मेहनत के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ें, सफलता आपके कदम चूमेगी -निंभोरकर 

एक पर्वतारोही जब पहाड़ चढ़ता है, तो वह एक रस्सी के सहारे आगे बढ़ता है। राह में आने वाले बादलों और अन्य परेशानियों से परेशान न होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहता है। इससे यह सीखने को मिलता है कि यदि आपमें जिद है और अपने लक्ष्य के प्रति आप पूरे परिश्रम के साथ बढ़ रहे हैं, तो सफलता आपके कदम जरूर चूमेगी। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र निभोरकर ने हाल ही में शहर के हिंगना स्थित यशवंतराव चौहान कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के 5वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अपने 40 साल के सैन्य जीवन में उन्हें कई बातों का अनुभव प्राप्त हुआ। वर्धा जिले के ग्रामीण भाग से होने के बाद भी उन्होंने खुद पर इसका विपरित प्रभाव नहीं पड़ने दिया। मनुष्य अनुभव से सीखता है। ये अनुभव जीवन में सफल होने में मददगार साबित होते हैं। ऐसे में किसी भी अपयश से हार न मानते हुए जीवन में पूरी ताकत से लड़ते रहने की सलाह उन्होंने विद्यार्थियों को दी।  कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद व संस्था के अध्यक्ष दत्ता मेघे ने की। नागपुर विवि के अधिष्ठाता डॉ.जी.एस.खडेकर बतौर विशेष अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित थे। मंच पर प्राचार्य डॉ. यू.पी वाघे भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में अतिथियों के हाथों 18 सुवर्ण, 7 रजत और 7 कांस्य पदकों का वितरण हुआ। बीई कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी की छात्रा कल्याणी कांवले टॉपर रहीं। 

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