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आर्थिक भगोड़े माल्या को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 07th, 2018 15:17 IST

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News Highlights

  • सुप्रीम कोर्ट पहुंचा विजया माल्या
  • माल्या नें बैंको के साथ किया है 9 हजार करोड़ रुपए का फ्राड
  • माल्या ने ईडी की याचिका पर रोक लगाने की मांग की


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बैंकों के साथ 9 हजार करोड़ रुपए का फ्रॉड कर भागे विजय माल्या हाई कोर्ट के एक फैसले को चुनौती देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। शुक्रवार को उन्हे सुप्रीम कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने माल्या की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि माल्या पर आर्थिक अपराध में भोगड़ा घोषित करने की कार्रवाई जारी रहेगी। इसी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। माल्या ने ईडी की याचिका पर रोक लगाने की भी मांग की थी। इस मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की है।

ईडी के ने लगाई थी याचिका
ईडी ने विशेष कोर्ट में एक याचिका दायर कर विजय माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून 2018 के तहत भगोड़ा घोषित करने की मांग की थी। माल्या ने इस मामले पर रोक लगाने के लिए विशेष अदालत से अनुरोध किया था, पर कोर्ट ने माल्या का आवेदन खारिज कर दिया था। इसके बाद माल्या ने हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे थे, लेकिन यहां भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया। अब माल्या ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। माल्या ने संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है।

में पैसे लौटाना चाहता हूं- माल्या
इस पूरे मामले पर माल्या ने ट्वीट कर कहा था कि मेरा मामला अलग है और यह अपनी कानूनी कार्रवाई पूरी करेगा। जहां तक बैंकों के पैसों की बात है तो मैंने इसे पूरा 100 प्रतिशत लौटाने की पेशकश की है। मैं पूरी विनम्रता से बैंक और सरकार से कहता हूं कि वे पैसा ले लें, अगर मेरी पेशकश को अस्वीकार कर दिया गया तो क्यों ?

माल्या ने कहा कि नेता और मीडिया लगातार मुझे डिफॉल्टर बताते हुए कह रहे कि मैं बैंकों का पैसा लेकर भाग गया हूं, ये सब गलत है। उन्होने यहा भी कहा कि कर्नाटक हाईकोर्ट में दिए मेरे सेटलमेंट के प्रस्ताव की बात क्यों नहीं की जाती। माल्या का कहना है कि मेरे साथ अनुचित व्यवहार हो रहा है।

ये है भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून 2018
आर्थिक अपराधी कानून 2018 के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को एक बार भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाता है तो अभियोजन एजेंसी के पास आरोपी की सभी संपत्तियां जब्त करने की शक्तियां आ जाती हैं।

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