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सात माह से सुलग रहा है कोल स्टाक, डाल रहे पानी-मिट्टी, रात में 10 किमी दूर से दिखती है आग

BhaskarHindi.com | Last Modified - August 11th, 2018 15:17 IST

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सात माह से सुलग रहा है कोल स्टाक, डाल रहे पानी-मिट्टी, रात में 10 किमी दूर से दिखती है आग

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा/परासिया। पेंचक्षेत्र की सेठिया ओपन कास्ट माइंस में लगी आग को बुझाने पानी के बाद प्रबंधन मिट्टी का सहारा ले रहा है। जलते कोल स्टाक पर अब मिट्टी पुराव कर आग से ऑक्सीजन का संपर्क काटकर उसे बुझाने का प्रयास हो रहा है। हालांकि खुले में रखे कोल स्टाक से ऐसी स्थिति में आग बुझना मुश्किल बना हुआ है। यहां विगत सात माह से कोल स्टाक में आग लगी हुई है।

सेठिया ओसीएम के कोल स्टाक में लगभग 95 हजार टन कोयला मौजूद है। यहां प्रतिदिन एक हजार टन कोयला उत्पादन हो रहा है। बारिश होने पर यहां उत्पादन घटने अथवा बंद होने का अंदेशा है। वहीं क्षेत्र में बारिश नहीं होने से ओसीएम में कोयला उत्पादन जारी है। वहीं आग को फैलने से रोकने दो हजार टन कोयला प्रतिदिन सप्लाई हो रहा है। सेठिया में विगत दिसबर माह से कोल स्टाक में आग सुलग रही है। शाम और सुबह इसका प्रभाव दूर से ही नजर आने लगता है। वहीं रात्रि में इसकी आग दस किमी दूर से दिखाई दे जाती है। वहीं प्रबंधन पूरे मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। कोल स्टाक की आग को बुझाने पहले पानी सिंचाई की गई, वहीं अब मिट़्टी पुराव हो रहा है। स्थानीय रहवासियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कोयला अंदर ही अंदर सुलगकर खाक होता जाएगा।

अधिकारी करते ओवर रिपोर्टिंग
खदान में कोयला उत्पादन हमेशा एक समान नहीं होता है। ऐसी स्थिति में अधिकारी उत्पादन को बढ़ा हुआ दिखाने के लिए ओवर रिपोर्टिंग करते हैं। फिर लंबे समय तक कोयला डिस्पेज नहीं होने से स्वत: तपन प्रक्रिया से लगी आग उसे जलाकर खाक करने लगती है। अधिकारी ऐसी स्थिति में उसमें पहले मिट्टी पुराव कर, फिर मिट्टी-पत्थर मिक्स कर सप्लाई करते हैं। जिस पर भुगतान संबंधित दिक्कतें खड़ी होती है। इस मामले को उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, किन्तु उचित जांच कार्रवाई नहीं होने पर अब श्रम संगठनों द्वारा विजिलेंस और सीबीआई से शिकायतें हो रही है।

इनका कहना है
कोल स्टाक की आग बुझाने प्रबंधन गंभीर नहीं है, इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन किया जाएगा।
राम अवतार गुप्ता, उपाध्यक्ष, जपं परासिया

वेकोलि की गलती नीतियों से क्षेत्र की स्थिति खराब हुई है। घाटे में कोयला निकालकर उसे स्टाक में रख जलकर खाक करने से अच्छा की कुछ समय के लिए उत्पादन बंद रखा जाए और स्टाक के कोयला को बेचने का प्रयास हो। प्रबंधन ऐसा करने में विफल साबित हो रही है। जिमेदारी तय कर ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए।
कुंवर सिंह, महामंत्री, भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ, पेंच-कन्हान क्षेत्र

पेंचक्षेत्र की कुछ खदानों में ओवर रिपोर्टिंग कर बढ़ा हुआ कोल स्टाक दिखाया गया। वहीं कोल स्टाक में महीनों तक लगी आग से कोयला जलकर खाक भी हुआ है। प्रबंधन की गलत नीतियां क्षेत्र को बर्बाद कर रही है। मैंने क्षेत्र में 2.5 लाख टन कोयला की कमी होने वाली शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
सोहन वाल्मिक, विधायक परासिया

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