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यदि आपकी कुण्डली में बुध की स्थिति खराब है तो करें ये उपाए

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 07th, 2018 18:41 IST

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यदि आपकी कुण्डली में बुध की स्थिति खराब है तो करें ये उपाए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कुंडली में यदि बुध नीच स्थान पर है और यदि बुध ग्रह के कारण आपके जीवन में उथल-पुथल हो रही है तो आप ज्योतिष के ये उपाय या टोटके अपना सकते हैं।

बुध प्रथम भाव लग्न में 
कुंडली में अगर बुध प्रथम भाव में नीचा यानि अच्छे फल देने वाला ना हो तो हरे रंग के वस्त्र व मांस-मदिरा से परहेज करना चाहिए।

बुध दुसरे भाव में 
दूसरे भाव में बुध ग्रह से उत्तम फल पाने के लिए मांस-मदिरा से परहेज करना चाहिए। साथ ही कुछ विशेष पालतू पशु जैसे भेड़, बकरी या तोता आदि को नहीं पालने की सलाह दी जाती है। 

बुध तृतीय भाव में  
तृतीय भाव में बुध ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए पक्षियों को दाना डालना और बकरी का दान करना शुभ माना जाता है। और जातक को फिटकरी से अपने दांत साफ करने की सलाह दी जाती है। 

बुध चौथे भाव में 
कुंडली के चौथे भाव में बुध है और इस कारण से आपको पीड़ा हो रही है तो अपने गले में सोने और चाँदी की चेन धारण करना उचित माना जाता है। साथ ही बंदरों को गुड़ खिलाने की सलाह दी गई है। 

बुध पंचम भाव में 
पांचवें भाव में बुध की पीड़ा शांत करने के लिए जातक को गाय की सेवा और तांबे के सिक्के को सफेद धागे में लपेटकर गले में धारण करने की सलाह दी जाती है।

बुध छठे भाव में 
छठे भाव या घर में बैठे बुध ग्रह के शुभ फल पाने के लिए कृषि भूमि में गंगाजल से भरी बोतल खेत में गाड़ने की सलाह दी जाती है। ऐसे जातक की पत्नी को बाएं हाथ में चांदी की अंगूठी धारण करना चाहिए।

बुध सातवे भाव में 
ज्योतिष के अनुसार सातवें भाव में यदि बुध ग्रह से हानि हो रही हो तो साझेदारी के व्यवसाय तथा जुए, सट्टे, शेयर बाजार आदि से बचना चाहिए। 

बुध आठवे भाव में 
आठवें भाव में बुध ग्रह के अशुभ परिणामों को कम करने के लिए मट्टी के घड़े में शहद भरकर शमशान की भूमि में गाड़ना शुभ होता है।

बुध नौवें भाव में 
नौवें भाव में बुध ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए या दुष्प्रभावों से बचने के लिए मंदिर, धार्मिक स्थल या संत को मशरूम दान करना शुभ माना जाता है। साथ ही किसी भी साधू या संत से ताबीज आदि नहीं लेना चाहिए।

बुध दसवें भाव में 
दसवें भाव में बुध ग्रह की पीड़ा शांत करने के लिए मंदिर में चावल और दूध दान करना चाहिए। ऐसी स्थिति में मांस-मदिरा से भी परहेज करना चाहिए।

ग्यारहवें भाव में बुध 
कुंडली के 11वें भाव में बुध के होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो पन्ना व हरे रंग से परहेज करना उचित है। किसी भी साधू से कोई भी ताबीज नहीं लेना चाहिए। 

बारहवें भाव में बुध 
कुण्डली के बारहवें भाव में बैठे बुध ग्रह की पीड़ा या अशुभ फलों को कम करने के लिए स्टील की अंगूठी धारण करना शुभ होता है। नई मटकी बहते जल में प्रवाहित करना उचित होता है। 

कृपया ध्यान दे विशेष नोट: 
किसी भी उपाय को करने से पहले अपनी कुंडली का विश्लेषण अवश्य कराएं। 
यह उपाय संकेत मात्र हैं इन्हें बिना जानकारी के उपयोग करना विपरीत फल देने वाला भी हो सकता है। 
 

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