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हाईकोर्ट: मोनिका बेदी के फर्जी पासपोर्ट मामले में 4 जुलाई को होगी अंतिम सुनवाई

हाईकोर्ट: मोनिका बेदी के फर्जी पासपोर्ट मामले में 4 जुलाई को होगी अंतिम सुनवाई

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस विजय शुक्ला की युगल पीठ ने फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी के फर्जी पासपोर्ट मामले की पुनरीक्षण याचिका की अंतिम सुनवाई 4 जुलाई को नियत की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाईकोर्ट ने मोनिका बेदी के आवेदन पर अंतिम सुनवाई की तिथि निर्धारित की है। भोपाल की निचली अदालत से फर्जी पासपोर्ट मामले में मोनिका बेदी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से पुनरीक्षण दायर की गई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर पुनरीक्षण याचिका दायर की है।

यह है मामला-
अभियोजन के अनुसार फिल्म अभिनेत्री मोनिका बेदी ने खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन अबु सलेम की पत्नी फौजिया उस्मान के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। इस मामले में भोपाल के कोहेफिजा थाने में मोनिका बेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। भोपाल की निचली अदालत ने वर्ष 2007 में मोनिका बेदी को दोषमुक्त कर दिया था। निचली अदालत के निर्णय के खिलाफ राज्य सरकार की ओर से पुनरीक्षण याचिका याचिका दायर की गई, वहीं इस मामले में हाईकोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए पुनरीक्षण दायर की है। यह मामला हाईकोर्ट में वर्ष 2007 से विचाराधीन है।

यह कहा गया दायर याचिका में-
इस मामले में मोनिका बेदी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि उसके खिलाफ हाईकोर्ट में वर्ष 2007 से सुनवाई चल रही है, लेकिन अभी तक उसके मामले का निराकरण नहीं हो पाया है। पुनरीक्षण याचिका विचाराधीन होने की वजह से उसे केवल एक साल के लिए पासपोर्ट मिल पा रहा है। विदेश में किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करने के लिए कम से कम पासपोर्ट की अवधि पांच वर्ष होना चाहिए। इसलिए उसके मामले का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए जाए।

अंतिम सुनवाई 4 जुलाई को-
5 मार्च 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देशित किया कि मोनिका बेदी के जल्द सुनवाई के आवेदन पर विचार कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। मोनिका बेदी की ओर से अधिवक्ता दिलजीत सिंह अहलूवालिया और अर्जुन सिंह ने हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की जानकारी देते हुए मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया। युगल पीठ ने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के चलते मामले की जल्द सुनवाई संभव नहीं है। युगल पीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई 4 जुलाई को नियत की है।

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