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अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर SBI में 41.16 लाख सेविंग अकाउंट बंद

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 13th, 2018 20:44 IST

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अकाउंट में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर SBI में 41.16 लाख सेविंग अकाउंट बंद

डिजिटल डेस्क, इंदौर। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बचत खातों में औसत मासिक रकम जमा नहीं रखने पर करीब 41.16 लाख खाते बंद कर दिए हैं। इसका खुलासा सूचना के अधिकार के जरिए हुआ है।

मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ के आरटीआई अर्जी पर एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें 28 फरवरी को भेजे लेटर में यह जानकारी दी। लेटर में बताया गया कि न्यूनतम जमा राशि उपलब्ध नहीं होने पर दंड शुल्क लगाने के प्रावधान के कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वित्तीय वर्ष 2017-18 में 31 जनवरी तक बंद किए गए बचत खातों की संख्या लगभग 41.16 लाख है।

दूसरी ओर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने बचत खातों में औसत मासिक रकम नहीं रखने पर जुर्माने की रकम करीब 75% तक कम कर दी है, बैंक ने इस मद में जुर्माने को 1 अप्रैल से 75 प्रतिशत तक घटाने का अहम फैसला किया है। देश में गरीब तबके के लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने के सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान के बीच खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा इस मद में जुर्माना वसूली को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है।

इस कदम से बैंक के करीब 25 करोड़ ग्राहकों को फायदा होगा। SBI के मुताबिक, मेट्रो और शहरी केंद्रों में ग्राहकों के लिए एएमबी के रखरखाव के शुल्क अधिकतम 50 रुपए प्रति माह से घटाकर 15 रुपये प्रति माह कर दिया है। इसी तरह अर्ध-शहरी और ग्रामीण केंद्रों में शुल्क 40 रुपए प्रति माह से घटाकर 12 रुपए और 10 रुपए प्रति माह प्लस GST कर दिया गया है।

पिछले साल अक्टूबर में एसबीआई ने मासिक औसत संतुलन को बड़े पैमाने पर 20-50% तक नहीं बनाए रखने पर सेवा शुल्क घटाया था। इससे पहले, औसत संतुलन बनाए रखने के लिए मेट्रो और शहरी ग्राहकों को 40 से 100 रुपये का शुल्क लिया गया था। ये जुर्माना 30-50 रुपये तक नीचे लाया गया था अर्ध-शहरी और ग्रामीण केंद्रों पर शुल्क को 25-40 रुपये से 20-40 रुपएतक संशोधित किया गया था।

SBI ने अप्रैल 2017 से 6 साल के अंतराल के बाद पुनर्भरण (एएमबी) शुल्क पुनर्स्थापित किया और फिर हितधारकों से प्रतिक्रिया के बाद अक्टूबर में इसे संशोधित किया।

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