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मां ही निकली बेटी की सौदागर, नाबालिक को दो बार बेचा

September 16th, 2017 17:44 IST
मां ही निकली बेटी की सौदागर, नाबालिक को दो बार बेचा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। माता यदि कुमाता बन जाए तो बच्चों का हश्र बड़ा बुरा होता है। नागपुर शहर के रेड लाइट एरिया से छुड़ाई गई किशोरी कुछ ऐसे ही हालातों से गुजरी है, जिसमें उसकी मां ने ही उसका सौदा कर दिया। शहर की बदनाम गली गंगा-जमुना बस्ती में एक सामाजिक संगठन की पहल पर पुलिस ने सेक्स रैकेट की दलदल में फंसी 17 वर्षीय किशोरी को मुक्त करवाकर महिला सुधारगृह भेज दिया है। किशोरी को इससे पूर्व भी गंगा-जमुना बस्ती से एक बार मुक्त कराया जा चुका है। उस समय उसकी मां ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसे कोर्ट से छुड़ाकर ले गई थी।

लकड़गंज थाने की API राखी गेडाम ने बताया कि इस बार भी पुलिस ने सामाजिक संगठन के साथ मिलकर उसे गंगा-जमुना बस्ती के एक सेक्स रैकेट अड्डे से छुड़ाया। इस बार पुलिस ने किशोरी की मां के खिलाफ भी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई किशोरी के बयान पर की गई। उसकी मां ने उसे इस दलदल में दोबारा ढकेल दिया था। किशोरी के पिता राजस्थान में खेती करते हैं। API राखी गेडाम ने बताया कि नागपुर के फ्रीडम सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं को गुप्त सूचना मिली कि गंगा-जमुना बस्ती में एक सेक्स रैकेट अड्डे पर 17 वर्षीय किशोरी को बंधक बनाकर उससे जबरन देह व्यवसाय कराया जा रहा है।

यह सूचना मिलने पर लकडगंज पुलिस ने गुरुवार को शाम करीब 6.30 बजे गंगा-जमुना बस्ती में धनावत के देह व्यवसाय अड्डे पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने सेक्स रैकेट अड्डे से किशोरी को छुड़ाने के साथ ही साबुदबाई गुदरावत, निवासी शंकरपुरा, ठाना दौलाना, हिंडोली, जिला बूंदी, राजस्थान , बिलकेस धनावत,  सुमन धनावत और नैनी धनावत के खिलाफ अनैतिक व्यापार प्रतिबंधक कानून और पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी साबुदबाई, बिलकेस, सुमन और नैनी ने किशोरी को आर्थिक फायदा होने का लालच देकर उसके गांव से उसे नागपुर लेकर आए। उसके बाद उसे एक कमरे मेें बंद कर उससे दोबारा सेक्स रैकेट कराने लगे। किशोरी के साथ उसकी मां भी राजस्थान से आई थी। इस बार पुलिस ने किशोरी की मां के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। 

मजबूरी सब कुछ कराती है
API गेडाम ने बताया कि पूछताछ के दौरान किशोरी ने कहा कि इस बार वह सेक्स रैकेट की दलदल में मजबूरीवश आई। घर में पिता खेती करते हैं। खेती से कोई फायदा नहीं होने के कारण उन पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। किशोरी के इस बयान पर पुलिस को यकीन नहीं हो रहा है। पुलिस उसकी इस बात को मनगढंत कहानी मान रही है। पुलिस का मानना है कि अगर उसकी सचमुच कोई मजबूरी होती तो दोबारा इस धंधे में वापस क्यों लौटती। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि किशोरी राजस्थान के जिस गांव की रहने वाली है। वहां की अधिकांश महिलाएं इसी कार्य को आसान मानकर इसमें काम करने लगती हैं। पकड़े जाने पर वह सेक्स रैकेट को पुश्तैनी धंधा होने की बात कहती हैं। नागपुर के सेक्स रैकेट अड्डे पर दोबारा मिली किशोरी को इसी संगठन ने एक बार पहले भी छुड़वाया था।

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