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दावत में उड़ाया स्वच्छता जागरूकता का बजट, नगर निगम में हुए बड़े गोलमाल

दावत में उड़ाया स्वच्छता जागरूकता का बजट, नगर निगम में हुए बड़े गोलमाल

डिजिटल डेस्क, कटनी। स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रचार-प्रसार के लिए आए शासन से आवंटित बजट में अफसर और जनप्रतिनिधि अपना पेट भरते रहे। चाय, नाश्ता, चाट, पकौड़े, आईसक्रीम, बिस्किट में ही हजारों रुपये उड़ा दिए गए। स्वच्छता सर्वेक्षण में किए गए व्यय का ब्यौरा अब जब फाइलों से बाहर आ रहा है तब नगर निगम में हुए बड़े गोलमाल प्याज के छिलकों की तरह एक-एक कर उधड़ रहे हैं। स्वच्छता को लेकर लोग कितने जागरूक हो पाए और नगर निगम का अमला कितना मुस्तैद है यह शहर की हालत देखकर ही समझा जा सकता है। शहर को स्वच्छ रखने से ज्यादा बजट साफ करने में ही लगे रहे। उसी का नतीजा है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में कटनी शहर का नाम देश के सौ शहरों से भी बाहर है।

खाने में ही खर्च कर डाले डेढ़ लाख

नगर निगम की फाइलों से बाहर आए दस्तावेजों के अनुसार चाय, नाश्ता, चाट, दाल बाफले के एक लाख रुपये के बिल का भुगतान किया गया। इसी तरह डोसा, इडली, काफी में 20750 रुपये खर्च कर दिए। चाट, नाश्ता में 5848 रुपये, बिस्किट में 4900 रुपये, आईसक्रीम में 4500 रुपये खर्च किए गए। यह तो वह राशि है जिसके दस्तावेज अब तक सार्वजनिक हुए हैं। यह तो अनाप-शनाप खर्च की केवल बानगी है।

फ्रिज, वाशिंग मशीन की खरीदी

स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता के नाम पर बजट की किस तरह होली खेली गई, यह इससे भी जाहिर होता है कि फ्रिज, वाशिंग मशीन और एलईडी टीवी की की भी खरीदी कर डाली। फ्रिज, एलईडी के लिए नगर निगम ने वेट सहित 28060 रुपये का भुगतान किया है। जबकि वाशिंग मशीन खरीदी में 10032 रुपये का भुगतान किया गया है। इतना ही नहीं सीएम का उद्बोधन पब्लिक को सुनाने के लिए एलईडी का किराया ही 24 हजार रुपये दे दिया। इसके पहले इसी एलईडी के किराए का भुगतान 11 हजार रुपये किया गया था। दो बार में एक एलईडी की कीमत किराए में ही दे दी। सूत्रों का कहना है कि यह पूरी खरीदी नगर निगम के एक उपयंत्री के परिवार की दुकान से की गई थी।

कागज के बैग बनाने में 35 हजार फूंके

पुराने अखबार से कैरी बैग बनाने का प्रशिक्षण देने में नगर निगम ने 35 हजार रुपये खर्च कर डाले। विकास यात्रा के तहत कटनी आए मुख्यमंत्री के सामने कैरी बैग बनाने का प्रदर्शन भी किया गया था। तब नगर निगम का शाबासी भी मिली थी लेकिन उसके बाद शहर में कहीं भी वैसे कागज के कैरीबैग देखने नहीं मिले।

आयुक्त के पाले में गेंद

नगर निगम के वरिष्ठ पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष मिथलेश जैन का कहना है कि उन्होने प्रमाणित दस्तावेजों के साथ तत्कालीन नगर निगम आयुक्त को पत्र देकर स्वच्छता सर्वेक्षण में हुए गोलमाल की जांच करने का अनुरोध किया था। नवपदस्थ निगमायुक्त से चर्चा की जाएगी। समस्त दस्तावेज नगरीय प्रशासन मंत्री को सौंपकर जांच कराई जाएगी।

इनका कहना है

अभी मैंने शिकायत नहीं देखी है, यदि पूर्व में शिकायत की गई है तो आफिस खुलने पर फाइल देखेंगे और शिकायत का परीक्षण कराया जाएगा, परीक्षण में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्यवाही तय की जाएगी। - आर.पी.सिंह, निगमायुक्त

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