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नागपुर : मेट्रो भवन का निर्माण कार्य ही अवैध, नहीं ली फायरब्रिगेड डिपार्टमेंट की अनुमति

नागपुर : मेट्रो भवन का निर्माण कार्य ही अवैध, नहीं ली फायरब्रिगेड डिपार्टमेंट की अनुमति

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महामेट्रो के निर्माण कार्य में नियमों के उल्लंघन के आरोपों के सिलसिले में एक और आरोप लगाया गया है। जय जवान जय किसान संगठन ने दावा किया है कि महामेट्रो के कार्यालय मेट्रोभवन का निर्माण कार्य ही अनाधिकृत है। इस भवन के निर्माण के लिए मनपा के अग्निशमन विभाग की अनुमति भी नहीं ली गई है। सूचना लीक करने के मामले में गिरफ्तार महामेट्रो के 2 अधिकारियों से किसी भी तरह का संबंध होने से संगठन ने इनकार किया है। यह सवाल भी उठाया है कि आरोपों की श्रृंखला के बाद भी सरकार कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में जाने की तैयारी की गई है। संगठन के संयोजक प्रशांत पवार ने पत्रकार वार्ता में यह भी आरोप लगाया कि महामेट्रों के लिए काम कर रही कंपनी श्रमिकों का आर्थिक व मानसिक शोषण कर रही है।

मेट्रो भवन के निर्माण के लिए 40 से 45 करोड रुपये खर्च किया गया है। दीक्षाभूमि के सामने निर्माण कार्य के लिए प्रशासन से मंजूरी नहीं ली गई है। महामेट्रो में सहायक संचालक,टाऊन प्लानिंग का पद रिक्त होने से मंजूरी देने के लिए कोई सक्षम अधिकारी ही नहीं है। आर्किटेक्ट ने तैयार किए नक्शे की पड़ताल नहीं की गई है। महामेट्रो की आेर से कहा जाता रहा है कि नियोजन प्राधिकरण होने से उसे निर्माण कार्य का सर्वाधिकार है। लेकिन महामेट्रो को वर्ष 2018 में नियोजन प्राधिकरण बनाया गया है। मेट्रो भवन का निर्माण कार्य 2015 में आरंभ हुआ है। अग्निशमन विभाग ने 42 प्वांइट के साथ महामेट्रो से रिपोर्ट मांगी थी। विभाग की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि जब तक संबंधित प्वाइंट के अनुकुल काम नहीं होगा तक तक अग्निशमन विभाग निर्माण कार्य की अनुमति नहीं दे सकता है। लेकिन महामेट्रो ने अग्निशमन विभाग की नोटिस का जवाब ही नहीं दिया। न ही इस विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया है। महामेट्रो के तहत ग्रेटवाल कारपोरेट सर्विसेस कंपनी श्रमिकों का शोषण कर रही है।श्रमिकाें का पीएफ भी नहीं भरा गया है। कर्मचारियों को परेशान करने के लिए अकारण नोटिस जारी किए जा रहे हैं। पत्रकार वार्ता में विजय शिंदे, मिलिंद महादेवकर व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। 

आईटी से संबंधित आरोप ही नहीं

प्रशांत पवार ने कहा कि महामेट्रो को लेकर सूचना अधिकार के तहत ली गई जानकारी व पोस्ट से मिल रहे पत्रों के आधार पर आरोप लगा रहे हैं। सारे आरोपों को प्रमाण दे रहे हैं। सूचना तकनीकी के संबंध में अब तक कोई आरोप नहीं लगाया है। महामेट्रो ने साइबर तकनीकी से छेड़छाड़ के आरोप में दो अधिकारियों के विरोध में पुलिस स्टेशन में प्रकरण दर्ज कराया है। उन अधिकारियों ने अब तक जय जवान जय किसान संगठन को कोई जानकारी नहीं दी है। उनसे संगठन का कोई संबंध नहीं है। 

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