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नागपुर का जलसंकट खत्म : तोतलाडोह में 87%पानी, गेट खोलने की नौबत

नागपुर का जलसंकट खत्म : तोतलाडोह में 87%पानी, गेट खोलने की नौबत

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  नागपुर का जलसंकट अब खत्म हो गया। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। तोतलाडोह में मध्यप्रदेश में हुई भारी बारिश के कारण 87.36 प्रतिशत पानी जमा हो गया। 25 दिन पहले बूंद-बूंद को तरस रहे तोतलाडोह जलाशय में अब इतना पानी हो गया है कि गेट खोलने की नौबत आ गई है। 

मनपा, किसान, उद्यमियों की चिंता दूर
फिलहाल तोतलाडोह में जलभंडारण से मनपा, किसान और उद्यमियों की चिंता दूर हो गई है। तोतलाडोह की जलभंडारण क्षमता 1017 एमएमक्यूब  हैं। इसमें 150 एमएमक्यूब डेड स्टाक हैं। जलनीति के अनुसार, जलभंडारण में से  600 एमएमक्यूब जल आरक्षित है। इसमें 300 एमएमक्यूब  पानी सिंचाई के लिए, 200 एमएमक्यूब मनपा के लिए और शेष 100 एमएमक्यूब खापरखेड़ा, कोराडी सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं। तोतलाडोह पर निर्भर मनपा नागपुर की जलापूर्ति इस वर्ष लड़खड़ा गई थी। अब तोतलाडोह में अपेक्षा से अधिक जलभंडारण से मनपा की चिंता दूर हुई हैं। किसानों को भी बड़ी राहत मिली है। अगले वर्ष उन्हें खरीफ और रबी फसल के लिए मुश्किल नहीं आएगी।

मध्यप्रदेश में जारी बारिश का असर
मध्यप्रदेश में जोरदार बारिश से चौरई बांध लबालब हो गया है। आए दिन वहां से पानी छोड़ा जा रहा है। तोतलाडोह कैचमेंट एरिया में भी लगातार बारिश जारी है। ऐसे में तोतलाडोह बांध का जलभंडारण 87.36 प्रतिशत यानी 888.35 एमएमक्यूब तक पहुंच गया है। चौरई बांध से लगातार पानी छोड़ना जारी है। कुछ घंटों में तोतलाडोह का जलभंडारण 90 प्रतिशत का आंकड़ा पार करने की संभावना है। ऐसे में तोतलाडोह बांध के गेट खोलने की नौबत आ सकती है। स्थिति को पेंच सिंचाई विभाग, नागपुर ने सोमवार शाम पत्र जारी कर सतर्कता का इशारा दिया है। नागपुर-भंडारा जिलाधिकारी समेत रामटेक, पारशिवनी, कामठी व मौदा के तहसीलदार और एसडीओ को पत्र जारी कर कहा है कि अगले एक-दो दिन में तोतलाडोह का पानी छोड़ा जा सकता है। ऐसे में पेंच और कन्हान नदी के किनारे बसे गांवों को ‘अलर्ट’ जारी कर सतर्क रहने को कहा गया है। 

2013 में खोले गए थे गेट 
इससे पहले तोतलाडोह बांध के 2013 में गेट खोले गए थे। उस वर्ष भी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सीमा पर भारी बारिश हुई थी। 1017 एमएमक्यूब क्षमता वाले तोतलाडोह बांध से उस समय करीब 2200 एमएमक्यूब पानी छोड़ा गया था। अभी 86 प्रतिशत तक जलभंडारण हो चुका है। स्थिति को देखते नागपुर और भंडारा जिला प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। तोतलाडोह में लगातार पानी बढ़ता जा रहा है। नौबत आई तो पानी भी छोड़ा जा सकता है। इसकी पूर्व सूचना जारी की गई है। फिलहाल मौजूदा वर्ष में शहर और अन्य क्षेत्रों में जलसंकट की स्थिति को देखते हुए हमारी कोशिश रहेगी कि तोतलाडोह में 95 से 100 प्रतिशत के बीच जलस्तर को कायम रखा जाए, ताकि अगले वर्ष जलसंकट का सामना न करना पड़े।  हालांकि अभी जो पानी मध्यप्रदेश से आ रहा है, ‌उसका प्रवाह अधिक है। ऐसे में उसके लिए गेट खोलकर इसके बाद आने वाले पानी को भंडारण करने की कोशिश करेंगे। 
जितेंद्र तुरखेडे, अधीक्षक अभियंता पेंच सिंचाई विभाग

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