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जेट एयरवेज के 1100 पायलटों का फैसला, कल से नहीं उड़ाएंगे प्लेन

जेट एयरवेज के 1100 पायलटों का फैसला, कल से नहीं उड़ाएंगे प्लेन

हाईलाइट

  • नकदी संकट से जूझ रहे जेट एयरवेज के करीब 1100 पायलट सोमवार से प्लेन नहीं उड़ाएंगे।
  • इंजीनियरों और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ पायलटों को तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है।
  • इसी कारण पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (NAG) ने ये फैसला लिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नकदी संकट से जूझ रहे जेट एयरवेज के करीब 1100 पायलट सोमवार से प्लेन नहीं उड़ाएंगे। इंजीनियरों और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ पायलटों को तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है, जबकि अन्य श्रेणियों के कर्मचारियों को मार्च महीने का भुगतान नहीं किया गया है। इसी कारण पायलटों के संगठन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (NAG) ने ये फैसला लिया है।

NAG ने कहा कि 'हमें लगभग साढ़े तीन महीने से भुगतान नहीं किया गया है और हमें पता नहीं है कि सैलरी कब दी जाएगी। इसलिए हमने 15 अप्रैल से प्लेन नहीं उड़ाने का फैसला किया है। सभी 1100 पायलट सोमवार सुबह 10 बजे से उड़ान भरना बंद कर देंगे।' NAG जो कुल 1600 में से लगभग 1100 पायलटों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है ने मार्च के अंत में भी चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें वेतन नहीं दिया गया तो वह 1 अप्रैल से प्लेन उड़ाना बंद कर देंगे। हालांकि, 31 मार्च को NAG ने अपने आंदोलन को 15 अप्रैल तक के लिए यह कहते हुए टाल दिया था कि यह नए प्रबंधन को अधिक समय देना चाहता है।

इससे पहले जेट एयरवेज के भविष्य पर अनिश्चितताओं के बीच, प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को स्थिति पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाई थी। इस बैठक में यात्रियों को हो रही असुविधा और जेट एयरवेज के तत्तकालीन हालातों को लेकर चर्चा की गई। पीएमओ में बैठक में भाग लेने के बाद, नागरिक उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खारोला ने जेट एयरवेज के प्रबंधन के साथ भी एक बैठक की। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की गई थी। खारोला ने संवाददाताओं को बताया था कि जेट एयरवेज ने शुक्रवार को 11 विमान उड़ाए और घरेलू मार्गों पर इस सप्ताह के अंत में दोनों दिन छह से सात विमान उड़ान भरेंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या एयरलाइन के पास संचालन के लिए सोमवार तक पर्याप्त धनराशि है, सचिव ने सकारात्मक जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि जेट एयरवेज ने शुक्रवार को बैंकरों के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने अंतरिम फंडिंग के बारे में अपनी मांग रखी। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ अग्रणी ऋणदाताओं का एक संघ वर्तमान में एयरलाइन को संभाल रहा है।

खारोला ने कहा था कि बैंकरों ने एयरलाइन को अंतरिम फंडिंग के बारे में अपने प्रस्ताव को फिर से तैयार करने के लिए कहा है। सोमवार को फिर से वे (जेट एयरवेज) बैंक से संपर्क करेंगे। बैंकों के निर्णय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा था, सोमवार दोपहर तक छह से सात विमान उड़ान भरेंगे। उसके बाद कितने उड़ेंगे, यह बैंकरों के साथ बातचीत पर निर्भर करेगा।

उधर एयरलाइन ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के निलंबन को अगले सोमवार तक बढ़ा दिया था। इससे पहले खबरें आ रही थी कि नागरिक उड्डयन नीति और 0/20 नियम का पालन न करने पर जेट की सभी अतंरराष्ट्रीय उड़ानों पर जल्द ही प्रतिबंध लग सकता है। दरअसल जेट एयरवेज के बेड़े में अभी केवल 11 विमान ही ऑपरेशनल है। जबकि नई नागरिक उड्डयन नीति और 0/20 नियम के अनुसार, एक एयर कैरियर को अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ान भरने की अनुमति तभी दी जाती है, जब कम से कम 20 विमान ऑपरेशनल हों। भले ही उसे घरेलू परिचालन के संदर्भ में कोई अनुभव न हो।

इससे एक दिन पहले जेट के शेयर बेचने के लिए खुली नीलामी में एसबीआई कैपिटल मार्केट्स ने बोली जमा कराने की समय सीमा दो दिन बढ़ा दी थी। पहले इसकी समय सीमा 10 अप्रैल की शाम 6 बजे तक थी। लेकिन बैंकों ने इसे 12 अप्रैल शाम 6 बजे तक बढ़ा दिया था। बैंकों ने जेट के 75% तक शेयर बेचने के लिए 8 अप्रैल को बोली प्रक्रिया शुरू की थी। बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में उधारदाताओं ने मार्च में जेट एयरवेज का नियंत्रण जेट संस्थापक और अध्यक्ष नरेश गोयल के इस्तीफे के बाद अपने हाथों में ले लिया।

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