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दीपा को मिला राजीव गांधी खेल रत्न, ट्रेनिंग के चलते पूनिया समारोह में नहीं हुए शामिल


हाईलाइट

  • पैरा एथलीट दीपा मलिक को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया
  • बजरंग पूनिया को भी राजीव गांदी खेल रत्न पुरस्कार के लिए चुना गया था
  • वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटे होने कारण वह राष्ट्रपति के हाथों ये पुरस्कार नहीं ले पाए

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पैरा एथलीट दीपा मलिक को गुरुवार को देश के सबसे बड़े खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें ये पुरस्कार दिया। राजीव गांधी खेल रत्न के लिए बजरंग पूनिया को भी चुना गया था लेकिन पूनिया वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटे हैं जिस कारण वह राष्ट्रपति के हाथों ये पुरस्कार नहीं ले पाए। इस बार कुल 32 खिलाड़ियों को अलग-अलग पुरुस्कारों से सम्मानित किया गया।

2016 के रियो पैरालिंपिक में शॉट पुट एफ 53 श्रेणी में रजत पदक जीतने वाली मलिक राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार पाने वाली पहली भारतीय महिला पैरा-एथलीट और सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गई है। वह 49 साल की है। डबल पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी देवेंद्र झाझरिया के बाद मलिक केवल दूसरी पैरा-एथलीट है जिन्हें यह सम्मान मिला है। देवेंद्र झाझरिया को 2017 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता शटलर बी साई प्रणीत, क्रिकेटर रविंद्र जडेजा, महिला क्रिकेटर पूनम यादव, एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता हेप्टाथलीट स्वप्ना बर्मन, फुटबॉलर गुरप्रीत सिंह संधू, दो बार की रजत पदक विजेता मुक्केबाज सोनिया लाठर, एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता घुडसवार फवाद मिर्जा, मोटरस्पोर्ट्स एस गौरव गिल और कबड्डी कप्तान अजय ठाकुर उन 19 खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्हें यहां राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से अर्जुन पुरस्कार मिला।

पुनिया के अलावा इस आयोजन से अनुपस्थित रहने वालो में क्रिकेटर रवींद्र जडेजा, एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता शॉट-पुटर तेजिंदर पाल सिंह तूर, और रजत-विजेता क्वार्टरमीटर मोहम्मद अनस थे, जिन्हें इस वर्ष अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया था। जडेजा इस समय भारतीय टेस्ट टीम के साथ वेस्टइंडीज में राष्ट्रीय ड्यूटी पर हैं, जबकि तेजिंदर और अनस अभी लखनऊ में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय एथलेटिक्स मीट में भाग लेने गए हैं।

इनके अलावा कोचिंग के क्षेत्र में द्रोणाचार्य पुरस्कार, खेल के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए ध्यानचंद पुरस्कार और खेलों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिया गया। बता दें कि राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर साल 29 अगस्त को हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में दिए जाते हैं।

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार: 
दीपा मलिक (पैरा-एथलेटिक्स), बजरंग पुनिया (कुश्ती)

अर्जुन पुरस्कार: 
रवींद्र जडेजा (क्रिकेट), मोहम्मद अनस याहिया (एथलेटिक्स), गुरप्रीत सिंह संधू (फुटबॉल), सोनिया लाठर (मुक्केबाजी), चिंगलेनसना सिंह कंगुजम (हॉकी), एस भास्करन (बॉडी बिल्डिंग), अजय ठाकुर (कबड्डी), अंजुम मौदगिल (शूटिंग), बी साई प्रणीत (बैडमिंटन), तेजिंदर पाल सिंह तूर (एथलेटिक्स), प्रमोद भगत (पैरा स्पोर्ट्स-बैडमिंटन), हरमीत राजुल देसाई (टेबल टेनिस), पूजा ढांढा (कुश्ती), फवाद मिर्जा (घुड़सवारी), सिमरन सिंह शेरगिल (पोलो), पूनम यादव (क्रिकेट), स्वप्ना बर्मन (एथलेटिक्स), सुंदर सिंह गुर्जर (पैरा स्पोर्ट्स-एथलेटिक्स) और गौरव सिंह गिल (मोटरस्पोर्ट्स)।

द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी):
मोहिंदर सिंह ढिल्लों (एथलेटिक्स), संदीप गुप्ता (टेबल टेनिस) और विमल कुमार (बैडमिंटन)।

द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफ टाइम श्रेणी):
संजय भारद्वाज (क्रिकेट), रामबीर सिंह खोखर (कबड्डी) और मेज़बान पटेल (हॉकी)।

ध्यानचंद पुरस्कार:
मनोज कुमार (कुश्ती), सी लालरेमसंगा (तीरंदाजी), अरूप बसक (टेबल टेनिस), नितन किर्तने (टेनिस) और मैनुअल फ्रैड्रिक्स (हॉकी)।

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