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बिहार: नक्सलियों ने मधुसूदन रेलवे हॉल्ट को फूंका, 5 कर्मचारी किडनैप

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 20th, 2017 15:23 IST

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डिजिटल डेस्क, भागलपुर। बिहार के जमालपुर किऊल रेलखंड के मधुसूदन स्टेशन पर नक्सलियों ने देर रात हमला कर दिया। नक्सलियों ने पांच रेलकर्मियों को अगवा कर सिग्नल पैनल को फूंक दिया। घटना के बाद से रेलखंड पर परिचलन बंद हो गया है। घटना करीब 12 बजे रात की है। उस समय गया-जमालपुर पैसेंजर किऊल से जमालपुर की ओर जा रही थी। बताया जा रहा है कि अभयपुर स्टेशन से यह गाड़ी 11:22 मिनट पर निकली थी, लेकिन दो बजे तक ट्रेन कहां खड़ी रही किसी को कोई जानकारी नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही जमालपुर स्टेशन अधीक्षक सुधीर कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर परवेज खान, जीआरपी थानाध्यक्ष कृपासागर और टीआई दिलीप कुमार सभी जमालपुर स्टेशन पर कैंप कर रहें थे। 

जमालपुर स्टेशन अधीक्षक ने मधुसूदन स्टेशन के पांच कर्मियों के लापता होने क पुष्टि की है। फिलहाल रेलखंड पर सभी ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। इसी बीच भागलपुर स्टेशन से चली फरक्का एक्सप्रेस को भी सुल्तानगंज स्टेशन पर रोक दिया गया है। डाउन ब्रह्मपुत्र मेल को भी किऊल से ही पहले किसी स्टेश पर रोक दिया गया है। जिले के सभी जीआरपी थानों को घटना की सूचना दे दी गई है।

अगवा रेलकर्मियों के नाम

मुधसूदन स्टेशन के एएसएम मुकेश कुमार अगवा 
स्टेशन के पोर्टर निरेंद्र मंडल
गया-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन के डाइवर, सहायक ड्राइवर, और गार्ड

पुलिस ने रेलकर्मियों को खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। बता दें कि नक्सलियों की बंदी घोषित किए जाने के बाद ही ऐसी वारदात हुई है। बताया जा रहा है कि अब सिग्नलिंग पैनल को ठीक कर दिया गया है। ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है। घटना के संबंध में पूछे जाने पर मुंगेर के रेल एपी शंकर झा ने बताया कि नक्सली हमले की सूचना मिलते ही रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

बिहार के इस नक्सल प्रभावित इलाके में पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिला पुलिस को भी अलर्ट रहने के निर्देश दे दिए गए थे। ऐसे में इस तरह का नक्सली हमला इस बात का साफ संकेत है कि कहीं न कहीं पुलिस की ओर से चूक की गई है। 

जानकारी के अनुसार, नक्सलियों ने चानन थाना क्षेत्र के संग्रामपुर पंचायत के उप मुखिया वीरेंद्र कोड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी है। नक्सलियों हत्या के बाद उपमुखिया के शव को जंगल में फेंक दिया। वीरेंद्र कोड़ा भी पूर्व में नक्सली आरोप में जेल जा चुका है। वीरेंद्र कोड़ा कछुआ गांव का रहने वाला था। नक्सलियों ने उसकी हत्या पुलिस मुखबिरी एवं संगठन के साथ धोखा देने के आरोप में की है। हत्या के बाद से क्षेत्र में फिर से नक्सली खौफ फैल गया है।

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