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महाराष्ट्र : अगले चुनाव में NCP-कांग्रेस मिलकर करेंगे बीजेपी का मुकाबला

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 06th, 2018 15:19 IST

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जिटल डेस्क,मुंबई। महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और NCP ने एक साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है। पिछले कई दिनों से दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर बैठकें चल रही थी, गुरुवार देर शाम इस बात का एलान कर दिया गया कि बीजेपी की अगुवाई वाली NDA सरकार को हराने के लिए दोनों पार्टियां एकसाथ मैदान में उतरेंगी।

गौरतलब  है कि विधानसभा सत्र शुरु होने से पहले कांग्रेस-NCP ने संयुक्त रुप से मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस और उनकी सरकार के खिलाफ हल्ला बोल मोर्चा निकाला था। इस दौरान पार्टी ने भारी भीड़ जुटाई थी। अब दोनों ही पार्टियों ने साथ मिलकर लड़ने का फैसला किया है।  विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल के आवास पर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण और राज्य में NCP प्रमुख सुशील तटकरे के बीच बैठक हुई। अशोक चव्हाण ने कहा कि सत्तारूढ़ बीजेपी-शिवसेना सरकार को हराने के लिए हमने आने वाले सभी चुनाव मिलकर लड़ने का फैसला किया है। सीटों की साझेदारी को लेकर बातचीत के लिए हम एक बार फिर मुलाकात करेंगे।

गठबंधन टूटने से हुआ था नुकसान

साल 2014 में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस और राकांपा ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। जबकि शिवसेना-भाजपा भी अपने-अपने बल पर चुनाव मैदान में उतरी थी। इस चुनाव में कांग्रेस को 17.96 फीसदी और राकांपा को 17.88 फीसदी वोट मिले थे। कांग्रेस को 42 और एनसीपी को 41 सीटें मिली थी। वहीं, भाजपा ने 27.8 प्रतिशत वोट हासिल कर 122 सीटों पर कब्जा जमाया था। जबकि शिवसेना ने 19.3 प्रतिशत वोट हासिल कर 63 सीटें जीती थीं।
 

कांग्रेस-NCP समान विचाराधारा वाले दल

कांग्रेस का मानना है कि राज्य में बड़े पैमाने पर ओबीसी मतदाताओं का भी कांग्रेस-NCP गठबंधन को समर्थन मिलेगा। जाहिर है कि इससे परिस्थिति बदलेगी। खासतौर से दोनों दलों के युवा विधायक चाहते हैं कि कांग्रेस-NCP फिर से एक साथ मिलकर चुनाव लड़े। कांग्रेस-NCP समान विचाराधारा वाले दल हैं। पहले भी मिलकर चुनाव लड़े और लंबे समय तक एक साथ सरकार चला चुके हैं। 

मुश्किल में बीजेपी

जहां एक तरफ कांग्रेस -NCP ने मिलकर आगामी चुनाव लड़ने का फैसला किया है तो वहीं शिवसेना ने पहले ही बीजेपी से अलग होने का फैसला कर लिया है। बाला साहेब ठाकरे के जन्मदिन के दिन शिवसेना ने बीजेपी से अलग होने का फैसला किया है। इसी के साथ ही वो 2019 लोकसभा चुनाव शिवसेना अकेले लड़ेगी। वही विधानसभा चुनाव भी अकेले लड़ने की बात कही गई है। इससे बीजेपी की मुश्किलें काफी बढ़ती दिख रही हैं।

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