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नेपाल ने RBI को लिखा पत्र, 100 रुपए से बड़े नोटों को लीगल टेंडर करने की अपील

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 07th, 2019 11:04 IST

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News Highlights

  • नेपाल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को पत्र लिखा है।
  • इस पत्र में 100 रुपए से बड़े नोटों को उनके देश में लीगल टेंडर करने के लिए कहा गया है।
  • RBI ने अभी नेपाल में केवल 100 या इससे नीचे के मूल्य के नोटों के सर्कुलेशन को स्वीकृति दी है।


डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को पत्र लिखा है। इस पत्र में 100 रुपए से बड़े नोटों को उनके देश में लीगल टेंडर करने की अपील की गई है। रविवार को नेपाल की मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात कही गई है। बता दें कि RBI ने अभी नेपाल में केवल 100 या इससे नीचे के मूल्य के नोटों के सर्कुलेशन को स्वीकृति दी है।

नेपाल के हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है,  नेपाल राष्ट्र बैंक (NRB) और सेंट्रेल मॉनिटरी अथॉरिटी ने शुक्रवार को RBI को पत्र लिखा है। इसमें 200, 500 और 2000 रुपए के नोट को लीगल टेंडर करने के लिए कहा है। NRB ने इंडियन सेंट्रल बैंक से कहा है कि वह फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के तहत नोटिफिकेशन जारी करें। ये नोटिफिकेशन 100 रुपए से बड़े नोटों को नेपाल में लीगल टेंडर कर देगा और इन नोटों के जरिए लेन-देन करना आसान हो जाएगा।

RBI ने अभी नेपाल को केवल 100 या इससे कम डिनोमिनेशन के नोटों के ही सर्कुलेशन की परमिशन दी है। नवंबर 2016  में नोटबंदी से पहले RBI ने FEMA नोटिफिकेशन जारी किया था जो नेपाली नागरिकों को 25 हजार रुपये मूल्य तक के ऐसे नोट रखने की परमिशन देता था।

नोटबंदी के बाद जब भारत ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को बैन कर दिया था तो भारत में 200, 500 और 2000 के नए नोटों का सर्कुलेशन भारत सरकार ने शुरू किया। लेकिन RBI ने नेपाल में इन नोटों के सर्कुलेशन का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया।

NRB ने इस लेटर में RBI से बैन की गई इंडियन करंसी को भी एक्सचेंज करने सुविधा उपलब्ध कराने को कहा है। RBI के अनुसार नेपाल के बैंकिंग सिस्टम में अभी भी करीब 48 मिलियन रुपए की बैन की गई भारतीय करंसी है। हालांकि प्रतिबंधित भारतीय बैंक नोटों का वास्तविक स्टॉक बहुत अधिक होने की उम्मीद है क्योंकि नेपालियों को पहले 500 रुपये और 1,000 रुपये के भारतीय बैंक नोटों को 25,000 रुपये तक ले जाने की अनुमति थी।

इसके अलावा, भारत की सीमा से लगे क्षेत्रों में रहने वाले आमतौर पर बड़े मूल्यवर्ग के भारतीय नोटों की चोरी करते हैं क्योंकि उन्हें सामान खरीदने के लिए अक्सर भारतीय बाजारों में जाना पड़ता है।

प्रतिबंधित भारतीय मुद्रा रखने वाले नेपालियों को एक्सचेंज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए, NRB ने पहले ही सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। इस सॉफ्टवेयर के डेटाबेस में ऐसे लोगों के नाम है जिन्हें एक्सचेंज सुविधा चाहिए, लेकिन भारत सरकार ने अभी तक इस पर अपना फैसला नहीं लिया है।

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