comScore
Election 2019

जून में शुरू होगा नया सत्र, नहीं हुआ हॉस्टल का नवीनीकरण

जून में शुरू होगा नया सत्र, नहीं हुआ हॉस्टल का नवीनीकरण

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  यूनिवर्सिटी के विविध हॉस्टलों के मेकओवर करने की समिति की सिफारिशों पर अब तक अमल नहीं हुआ है। हॉस्टलों में 30 अप्रैल तक हर हाल में ग्रीन जिम बनाने की डेडलाइन बीत गई, लेकिन हॉस्टलों में अभी तक ग्रीन जिम नहीं लग सकी। हां, पेवर ब्लॉक्स लगाने के काम जरूर शुरू हुए। लेकिन समिति ने जो मुख्य काम करने का मुद्दा उठाया, उनकी अनुमति अभी भी फाइलों में ही लटकी पड़ी है। 31 जुलाई तक हॉस्टलों के परिसर में बेंच लगाने की बात तय हुई है। हॉस्टलों में शौचालय के नवीनीकरण, टाइल्स, पीओपी, बिजली कनेक्शन जैसे मुख्य काम भी इसी अवधि में पूरे किए जाने हैं। समिति की सिफारिशों को एक लंबा समय बीत चुका है। मई माह भी आधा निकल चुका है। इसके बाद जून में नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा। बारिश भी होगी। इस विलंब के कारण हॉस्टल के विद्यार्थियों की ही परेशानी बढ़ेगी। 

यह काम करना जरूरी  
अपर हॉस्टल की  संपूर्ण इमारतों के नवीनीकरण की जरूरत है। सिफारिश है कि पेयजल समस्या, ओवर हेड टैंक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए ओपन प्लेटफॉर्म बनाए जाए। कमरों की स्थिति सुधारी जाए। यहां गृहपाल, सहायक गृहपाल, चपरासियों की नियुक्ति हो। 

नेल्सन मंडेला हॉस्टल में पीने के पानी की योग्य व्यवस्था नहीं है। इलेक्ट्रिक फिटिंग का काम करने की जरूरत है। सुरक्षा दीवार बनाने की जरूरत है। इसी तरह विदेशी विद्यार्थियों के लिए सलाहकारों के स्वतंत्र कार्यालय के लिए प्रशासकीय कार्यालय में जगह दी जाए। 

लोअर हॉस्टल में  कार्यालय का नवीनीकरण करके वॉटर प्रूफिंग, इलेक्ट्रिक मेंटेनेंस, वसंतराव नाईक सभागृह का नवीनीकरण, गार्डन मेंटेनेंस, ग्रीन जिम की स्थापना, मिट्टी के ढ़ेर और कचरे का सही प्रबंधन करने, खिड़कियां-दरवाजे दुरुस्त करने, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने से लेकर हॉस्टल में एक प्रवेश द्वार, गृहपालों की संख्या बढ़ाने जैसे बदलाव करने की जरूरत है। 

गर्ल्स हॉस्टल परिसर के गार्डन में बेंच लगाने, कमरों की उखड़ी हुई की मरम्मत और रंगाई की जरूरत है। हॉस्टल में ग्रीन जिम लगाई जाए। इसी तरह गोदाम और शौचालयों की दुरुस्ती की जाए। हॉस्टल में वेंडिंग मशीनें लगाने की भी जरूरत है।

मुझे जानकारी नहीं 
हॉस्टल के क्या काम किए जाने है मुझे इसकी जानकारी नहीं है, काम कब तक पूरे होंगे, इसके बारे मंे इंजीनियरिंग विभाग से पूछ कर आपको बताऊंगा।  - डॉ.विनायक देशपांडे, प्रभारी कुलसचिव

Loading...
कमेंट करें
7PjoC
Loading...