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अगर आप भी हैं स्टूप्ड पोस्चर से परेशान, तो आ गई है एक नई थेरेपी

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 02nd, 2018 09:33 IST

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डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। आमतौर पर लोग बैठने के सही तरीके को फॉलो नहीं करते। वो लापरवाही से किसी भी पोस्चर में बैठ जाते हैं। ये हमारे शरीर के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे आप पार्किंसन जैसी भयानक बीमारी के शिकार हो सकते हैं। 

ये बीमारी मांसपेशियों की अकड़न बढ़ने से होती है और महिलाओं में ज्यादा पाई जाती है। इस बीमारी में आपके शरीर की मुद्राएं बिगड़ने लगती है। जैसे कि सिर आगे की ओर झुक जाता है, कंधों पर गोले बन जाते हैं और घुटने मुड़ जाते हैं। 

आमतौर पर इस बीमारी की शिकार महिलाओं को जिंदगी भर इसके साथ जीना पड़ता है, लेकिन अब एक नई तकनीक आ चुकी है जिससे इस बीमारी से पीड़ित महिलाओं को लाभ मिल सकता है। 

आपके शरीर की गलत मुद्रा इस प्रकार आपके शरीर पर बुरा प्रभाव डालती है

1) साफ बोलने में और सुनने में तकलीफ होती है।  

2) शरीर के ऊपरी हिस्से को हिलाने-डुलाने में परेशानी आती है। 

3) भारी मात्रा में शरीर की ताकत कम हो जाती है। 

4) खाना निगलने में होती है मुश्किल। 

5) सिर दर्द से नहीं मिलती है राहत। 

लेकिन इन सारी तकलीफों से राहत देने के लिए एक नई तकनीक सामने आ गई है। काफी रिसर्च के बाद इस बीमारी को एक थेरेपी से दूर करने का तरीका मिल गया है। इस नयी थेरेपी का नाम है "हॉर्मोन थेरेपी"। इस शोध में ये पता चला है कि इस थेरेपी से वर्टिब्रल फ्रैक्चर रिस्क को कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं "हाइपरकोसिस" जैसी बीमारी को भी रोका जा सकता है। 

इस बीमारी का शिकार ज्यादातर महिलाएं ही बनती हैं क्योकि अक्सर मेनोपॉज के वक्त उनकी बॉडी में  एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है। इसका सीधा असर हड्डियों पर पड़ता है और इसी से बोन लॉस की समस्या उभरती है। इस हॉर्मोन थेरेपी से बोन लॉस जैसी समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी और बोन लॉस से होने वाला फ्रैक्चर भी नहीं होने देगी।  

इतना ही नहीं इस थेरेपी से आपकी झुकी हुई रीढ़ की हड्डी को भी सीधा किया जा सकता है। 

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