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समझौता ब्लास्ट केस : असीमानंद समेत 4 आरोपी बरी, राहिला की अपील खारिज

March 21st, 2019 10:33 IST
समझौता ब्लास्ट केस : असीमानंद समेत 4 आरोपी बरी, राहिला की अपील खारिज

हाईलाइट

  • समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में NIA कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत सभी 4 आरोपियों को बरी कर दिया है।
  • राहिला ने पिछली सुनवाई में गवाही कराने की अपील की थी जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए ये फैसला सुनाया है।
  • इस केस से जुड़े वकील मोमिन मलिक ने कहा कि अब इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

डिजिटल डेस्क, पंचकूला। समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट केस में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने स्वामी असीमानंद समेत सभी चार आरोपियों को बरी कर दिया है। पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद वकील की बेटी राहिला ने पिछली सुनवाई में गवाही कराने की अपील की थी जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए ये फैसला सुनाया है। इस केस से जुड़े वकील मोमिन मलिक ने कहा कि अब इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।

NIA के वकील आरके हांडा ने कहा, NIA की स्पेशल कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला है कि जांच एजेंसी साजिश के आरोप को साबित करने में विफल रही है और आरोपी को संदेह का लाभ मिलना चाहिए। बता दें कि NIA ने अपनी चार्जशीट में कहा था कि धमाके का मक़सद पाकिस्तान के मुसलमानों को मारना था।

इसी महीनें 11 मार्च को हुई सुनवाई में माना जा रहा था कि कोर्ट फैसला सुना सकती है लेकिन कोर्ट ने 14 मार्च तक सुनवाई को टाल दिया था। दरअसल, ब्लास्ट में मारे गए पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद वकील की बेटी राहिला ने एडवोकेट मोमिन मलिक को ई-मेल कर उनकी और अन्य चश्मदीदों की गवाही कराने की अपील की थी। इस अर्जी के बाद कोर्ट ने सुनवाई को टाल दिया था। इसके बाद 14 मार्च को सुनवाई होना था लेकिन पंचकूला बार एसोसिएशन की स्ट्राइक के कारण ये सुनवाई टल गई थी।

दोनों पक्षों के वकील सुनवाई के लिए कोर्ट भी पहुंच गए थे, लेकिन स्ट्राइक के कारण वह अंदर नहीं जा पाए थे। स्ट्राइक के कारण कोर्ट ने 18 मार्च को सुनावाई की अगली तारीख तय की थी, लेकिन इस दिन भी ये सुनवाई टल गई। जिसके बाद आज बुधवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।

बता दें कि करीब 12 साल पहले 18 फरवरी 2007 को पानीपत के पास समझौता एक्सप्रेस में धमाका हुआ था। इसमें 68 लोगों की मौत हुई थी। जिसमें 43 पाकिस्तानी, 10 भारतीय नागरिक तो 15 अन्य लोग थे। इनमें से 64 आम लोग, जबकि 4 रेलवे कर्मचारी थे। इस धमाके में दो बोगियों में आग लग गई थी जिस कारण सभी लोग जिंदा जल गए थे। पुलिस को मौके से दो सूटकेस बम मिले थे जो फट नहीं पाए थे।

इस मामले में कुल 8 आरोपी थे, जिनमें से 1 की मौत हो चुकी है, जबकि तीन को भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बचे हुए चार आरोपी स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजेंद्र चौधरी को अब बरी कर दिया गया है।

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