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शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट, BCCI ने कहा- चार्जशीट देखने के बाद ही लेंगे एक्शन


हाईलाइट

  • घरेलू हिंसा मामले में मोहम्मद शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है
  • घरेलू हिंसा मामले में मोहम्मद शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है
  • शमी के पास अब सरेंडर करने और जमानत के लिए आवेदन करने के लिए 15 दिन का समय है
  • BCCI ने कहा- चार्जशीट देखने के बाद ही कोई एक्शन लेंगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। घरेलू हिंसा मामले में भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के खिलाफ कोलकाता की अलीपुर कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। शमी के पास अब सरेंडर करने और जमानत के लिए आवेदन करने के लिए 15 दिन का समय है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक वे चार्जशीट नहीं देखेंगे गेंदबाज के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

बीसीसीआई के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस मामले में कोई कार्रवाई करना बहुत जल्दबाजी होगी और चार्जशीट मिलने के बाद ही इस पर कोई कदम उठाया जाएगा।

अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या शमी के खिलाफ 2018 में सीओए ने अनुबंध को रोक लेने की नीति अपनाई थी, क्या वही नीति इस बार भी अपनाई जाएगी?

इस सवाल पर अधिकारी ने कहा, ‘वह अलग था। शमी पर उस समय उनकी पत्नी ने मैच फिक्सिंग में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे। यहीं वजह थी कि तब सीओए को लगा था कि भ्रष्टाचार रोधी इकाई (एसीयू) के तत्कालीन अध्यक्ष नीरज कुमार का इस मामले को देखना उपयुक्त होगा। नीरज ने अपनी जांच में शमी को निर्दोष पाया था। इसके बाद उनका अनुबंध बहाल किया गया था।’

उन्होंने कहा, ‘इस बार यह मामला घरेलू हिंसा का है। इस समय जो स्थिति है उसे देखते हुए उनका अनुबंध खत्म करने की जरूरत नहीं है। मुझे पूरी उम्मीद है कि शमी एक बार जब देश वापस आ जाएंगे, तब वो सभी जरूरी कदम उठाएंगे।’ शमी इस समय किंग्सटन में है और भारतीय टीम का हिस्सा है। भारतीय टीम वर्तमान में वेस्टइंडीज के खिलाफ किंग्स्टन (जमैका) में खेल रही है और दूसरा टेस्ट मैच 3 सितंबर को समाप्त होने वाला है।

बता दें कि शमी के खिलाफ उनकी पत्नी हसीन जहां ने आठ मार्च 2018 को संगीन धाराओं में कोलकाता में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। तब से दोनों के बीच विवाद चल रहा है। रिपोर्ट दर्ज होने के एक साल छह दिन बाद कोलकाता पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट दाखिल करने से पहले कोलकाता पुलिस दो बार शमी के गांव सहसपुर गई थी। गांववालों से पूछताछ की थी। वहीं गवाहों के बयान भी दर्ज किए थे।

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