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TikTok और Helo को सरकार का नोटिस, लग सकता है प्रतिबंध


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टिक टॉक पर वीडियो बनाने और देखने वालों के लिए एक बुरी खबर है। यह कि सरकार ने हाल ही में चीनी सोशल मीडिया एप्स टिकटॉप को नोटिस जारी कर दिया है। इसी के साथ हेलो को यह नोटिस भेजा गया है, दोनों एप्स से सरकार ने 21 सवाल पूछे हैं। यदि सरकार के सवालों का उचित उत्तर नहीं मिला, तो इन्हें बैन किया जा सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह नोटिस राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से संबंधित संगठन स्वदेशी जागरण मंच की प्रधानमंंत्री मोदी से शिकायत के बाद जारी किया है।

बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से TikTok और Helo जैसी चीनी सोशल मीडिया एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि ये दोनों एप 'राष्ट्रविरोधी' तत्वों का अड्डा बन गए हैं।

शिकायत में ये आरोप
पीएम मोदी को लिखे पत्र में स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) का आरोप था कि दोनों एप भारत के युवाओं के 'निहित हितों' से प्रभावित होने का माध्यम बन रहे हैं, और हाल के सप्ताहों में 'टिकटॉक' राष्ट्रविरोधी सामग्री का अड्डा बन गया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 'हेलो' एप द्वारा अन्य सोशल मीडिया मंचों पर 11 हजार से अधिक विरूपित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए सात करोड़ रुपए का भुगतान करने का पता चला है। 

मांगा जवाब
इस शिकायत के बाद मंत्रालय ने इन दोनों एप से आरोप पर जवाब मांगा है कि ये एप्स 'राष्ट्रविरोधी' गतिविधियों का अड्डा बन गए हैं। वहीं टिकटॉक का कहना है कि वे अगले तीन साल में स्थानीय कम्यूनिटी की जिम्मेदारी के लिए टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने को लेकर 100 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी।

टिक टॉक पर पहले भी लग चुका है बैन
मालूम हो कि इससे पहले इसी साल अप्रैल में मद्रास हाईकोर्ट ने टिक टॉक एप को बैन करने के निर्देश दिए थे और एप से बने वीडियो का प्रसारण करने पर भी रोक लगा दी थी। कोर्ट का कहना है कि टिक टॉक के जरिए बच्चे पोर्नोग्राफी और आपत्तिजनक कंटेंट तक सरलता से पहुंच रहे थे, जिसके चलते ये कदम उठाया गया है। हालांकि बाद में बैन को ​हटा दिया गया था। 

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